
भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स में अपने एसेट्स का 2 प्रतिशत से कम करती हैं निवेश
भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स में अपने एसेट्स का 2 प्रतिशत से कम निवेश करती हैं।
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Life, health, motor and term insurance explained.

भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स में अपने एसेट्स का 2 प्रतिशत से कम निवेश करती हैं।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विपमेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों की VNB ग्रोथ 10 से 20 प्रतिशत रह सकती है।

प्रस्तावित इंश्योरेंस कमीशन कैप से FY28 से NBFCs की कमाई पर दबाव आ सकता है।


ICICI प्रूडेंशियल लाइफ ने Q1-FY2027 में 99.31% का क्लेम सेटलमेंट रेशियो दर्ज किया है और 414.08 करोड़ रुपये के दावे निपटाए।

भारत में कितने तरह के बीमा हैं, कौन सा किस काम का, एजेंट क्या कहते हैं, कंपनियां कितनी हैं और क्लेम क्यों रुकता है—पूरी डिटेल टेबल के साथ।

IRDAI के नए कमीशन और खर्च सीमा प्रस्ताव से बीमा शेयरों में भारी गिरावट। उलझन भरे माहौल में निवेशकों और पॉलिसीधारकों के लिए विशेष विश्लेषण और ट्रेडिंग सलाह।

बीमा कमीशन और वितरण नियमों में बदलाव की चर्चा क्यों तेज है? जानिए IRDAI के प्रस्ताव से पॉलिसीधारक, एजेंट और प्रीमियम पर क्या असर पड़ सकता है।

IRDAI के बीमा नियमों में बदलाव के प्रस्ताव के बाद जीरोधा सीईओ नितिन कामथ ने रेगुलेटरी रिस्क पर चिंता जताई है।

IRDAI ने प्रोडक्ट वाइज कमीशन कैप का प्रस्ताव जारी किया है, जिससे शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।

बीमा कमीशन नियमों में बदलाव से बैंकों की कमाई पर मामूली जोखिम आ सकता है। FY28 से लागू होने वाले इन प्रस्तावों पर जनता की राय मांगी गई है।

मैकेंजी रिपोर्ट के अनुसार भारत के इंश्योरेंस सेक्टर में ग्रोथ जारी है लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी और प्रोडक्टिविटी मुख्य चुनौतियां हैं।