
वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में भारत की ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है
वित्त मंत्रालय के रिव्यू के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में भारत की ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
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वित्त मंत्रालय के रिव्यू के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में भारत की ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में भारत की विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए डाइवर्स फाइनेंसिंग और कॉम्प्लीमेंट्री कैपिटल मार्केट्स जरूरी हैं।

सितंबर 2026 में भारत का कंपोजिट PMI बढ़कर 56.5 पर पहुंचा। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेजी आई है।

नवीन जिंदल ने कहा कि भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार है और यूएसए के हाई टैरिफ के बावजूद भारतीय स्टील इंडस्ट्री बिना निर्यात के भी चल सकती है।

जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 6.5 से 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

मूड्स रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।

Jefferies की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की रियल GDP ग्रोथ 6.5 से 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बीच भारत आर्थिक मजबूती बढ़ा रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में व्यापार 506 अरब डॉलर से अधिक हुआ।

भारत की जीडीपी 7.8% की रफ़्तार से बढ़ रही है और बेरोज़गारी दर घटकर 5.1% पर आ गई है, फिर भी हर पांचवां युवा नौकरी से महरूम है। आंकड़े अच्छे दिखते हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह ग्रोथ असल में किसकी जेब तक पहुंच रही है।