अमेरिका के हाई टैरिफ के बिना भी भारतीय स्टील इंडस्ट्री कर सकती है विकास, नवीन जिंदल ने दिया बड़ा बयान

अमेरिका के हाई टैरिफ के बिना भी भारतीय स्टील इंडस्ट्री कर सकती है विकास, नवीन जिंदल ने दिया बड़ा बयान

जिंदल स्टील के चेयरमैन और मेंबर ऑफ पार्लियामेंट नवीन जिंदल ने सोमवार को कहा कि भारत के पास एक बड़ा घरेलू स्टील मार्केट है। भारत अमेरिकी बाजार में निर्यात पर निर्भर हुए बिना अपनी स्टील इंडस्ट्री को बनाए रख सकता है।

उन्होंने कहा कि उच्च अमेरिकी टैरिफ का भारतीय स्टील प्रोड्यूसर्स पर सीमित प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह बयान 53rd नेशनल मैनेजमेंट कन्वेंशन 2026 के इतर मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।

  • भारत के पास बड़ा घरेलू स्टील मार्केट है और यह यूएसए के बिना काम चला सकता है।
  • स्टील के कई उत्पादों पर एक दशक से अधिक समय से 200% से अधिक टैरिफ है।
  • भारत में प्रति व्यक्ति स्टील की खपत लगभग 107 kg प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है।
  • अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान फिनिश्ड स्टील की खपत 7.9 प्रतिशत बढ़कर 56 मिलियन टन हो गई।
  • भारत में लगभग 22.6 मिलियन टन प्रति वर्ष कोल गैसीकरण क्षमता चालू है या कार्यान्वयन के अधीन है।

अमेरिकी टैरिफ और भारतीय स्टील मार्केट

नवीन जिंदल ने बताया कि भारतीय स्टील उत्पादों को अमेरिकी बाजार में कई वर्षों से उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्टील में बहुत सारे उत्पादों पर एक दशक से अधिक समय से 200% से अधिक टैरिफ है।

इसलिए यूएस स्टील पर 100% या 200% टैरिफ लगा सकता है लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलती है। जब टैरिफ 50% था तब भी हम अमेरिका को कोई स्टील निर्यात नहीं कर रहे थे।

संयुक्त राज्य अमेरिका ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के सेक्शन 232 के तहत अधिकांश आयातित स्टील उत्पादों पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना जारी रखे हुए है।

घरेलू मांग और प्रति व्यक्ति खपत

घरेलू मांग के संबंध में जिंदल ने कहा कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और अपेक्षाकृत कम प्रति व्यक्ति स्टील की खपत से इंडस्ट्री को विस्तार देने के लिए काफी गुंजाइश मिलती है।

स्टील की प्रति व्यक्ति खपत अभी भी काफी कम है जो विश्व औसत से कम है। विश्व औसत 220 से अधिक है जबकि भारत में यह प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 107 kg है।

मिनिस्ट्री ऑफ स्टील की अगस्त 2026 की प्रेस रिलीज के अनुसार अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान भारत की फिनिश्ड स्टील की खपत साल-दर-साल 7.9 प्रतिशत बढ़कर 56 मिलियन टन हो गई।

इस अवधि के दौरान क्रूड स्टील का उत्पादन 56.2 मिलियन टन रहा। मिनिस्ट्री ने कहा है कि नेशनल स्टील पॉलिसी 2017 के तहत 2030-31 तक 300 मिलियन टन क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता और 255 मिलियन टन वास्तविक उत्पादन की परिकल्पना की गई है।

यूरोपीय संघ के नियम और कोल गैसीकरण

यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म ( CBAM ) पर जिंदल ने कहा कि भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजार में लागू नियमों का पालन करना होगा।

यदि उन्होंने अपने स्वयं के प्रोड्यूसर्स पर ये शर्तें लगाई हैं तो वे आयात पर भी ये शर्तें लगाएंगे। हम इसे समझते हैं और जो भी उनके नियम हैं हमें उन नियमों के अनुसार खेलना होगा।

जिंदल ने घरेलू कोल गैसीकरण के अधिक उपयोग के माध्यम से आयातित नेचुरल गैस पर भारत की निर्भरता को कम करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

मिनिस्ट्री ऑफ कोल की जुलाई 2026 की प्रेस रिलीज के अनुसार भारत में लगभग 22.6 मिलियन टन प्रति वर्ष कोल गैसीकरण क्षमता चालू या कार्यान्वयन के अधीन है।

इसमें जिंदल स्टील लिमिटेड में लगभग 8 मिलियन टन प्रति वर्ष की परिचालन क्षमता शामिल है। ग्रीन स्टील पर जिंदल ने कहा कि हर स्टील मेकर अपने उत्सर्जन को कम करने की दिशा में काम कर रहा है।

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