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क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू भरने से बिल सस्ता नहीं होता, सिर्फ़ डिफ़ॉल्ट टलता है। यहां देखें कि सिर्फ़ मिनिमम भरते रहने से बिल कितने साल चलता है और कितना ब्याज बनता है।
मिनिमम ड्यू बकाया का एक छोटा हिस्सा होता है, जबकि बाकी रकम पर हर महीने ब्याज बनता रहता है। इसलिए बकाया बहुत धीरे घटता है और कई साल तक खिंच सकता है। तय बड़ी रकम हर महीने भरने से बिल जल्दी और कम ब्याज में खत्म होता है।
सूत्र: हर महीने: बकाया = बकाया × (1 + मासिक ब्याज) − भुगतान, जहां मासिक ब्याज = सालाना दर ÷ 12।
₹60,000 के बकाया पर 42% सालाना ब्याज और 5% मिनिमम ड्यू भरने पर बिल 16 साल 4 महीने में खत्म होता है और कुल ब्याज ₹1,19,990 बनता है। हर महीने ₹5,000 भरें तो ब्याज सिर्फ़ ₹19,184 रह जाता है।
टोटल ड्यू पूरा बिल है। नियत तारीख तक उसे भरने पर कोई ब्याज नहीं लगता। मिनिमम ड्यू भरने पर बाकी रकम पर ब्याज लगने लगता है।
कार्ड असुरक्षित कर्ज़ है, इसलिए दर आम तौर पर होम या कार लोन से बहुत ऊंची होती है। अपने कार्ड की दर बिल पर देख लें।
कम ब्याज वाले पर्सनल लोन या EMI कन्वर्ज़न से बकाया को सस्ते कर्ज़ में बदलने के बारे में सोचें, और नई खरीदारी रोक दें।
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अंतिम जांच: 16 अक्टूबर 2026। दरें और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसले से पहले आधिकारिक स्रोत या अपने सलाहकार से मिलान कर लें।