
डिजिटल डीमैट अकाउंट्स के बढ़ने से कैसे बदल रही है भारतीय निवेशकों की तस्वीर
डिजिटल डीमैट अकाउंट्स के आने से व्यक्तिगत निवेशकों के लिए शेयर बाजार में शुरुआत करना आसान हो गया है।
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डिजिटल डीमैट अकाउंट्स के आने से व्यक्तिगत निवेशकों के लिए शेयर बाजार में शुरुआत करना आसान हो गया है।

सैलरी आते ही बचत की आदत बदल सकती है आपकी किस्मत। जानिए कैसे ₹1000 की SIP, पैरोल-लिंक्ड सिस्टम और सेबी के नए नियमों से तैयार होगा आपका बड़ा फंड।

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निवेशक बोंड्स और NCD IPO के माध्यम से फिक्स्ड-इनकम मार्केट्स में अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइड कर रहे हैं।

कानपुर में 17 साल बाद खोले गए SBI लॉकर से 50 लाख के गहने गायब मिलने के मामले ने बैंक लॉकर की सुरक्षा और मुआवजे को लेकर RBI के नियमों पर फिर ध्यान खींचा है। जानें आपके अधिकार और बचाव के तरीके।

बिना कोलैटरल, बिना गारंटर एजुकेशन लोन चाहिए? PM विद्यालक्ष्मी योजना के तहत अब 1,425 संस्थानों के छात्रों को ब्याज सब्सिडी और आसान लोन मिल रहा है। जानें पात्रता, प्रक्रिया और फायदे।

24 अगस्त 2026 को 24 कैरेट सोना ₹1,63,970 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,60,100 प्रति किलो पर पहुंच गई। जानिए इस तेज़ी के पीछे की तीन बड़ी वजहें और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है।

SBI, HDFC, ICICI, Axis, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की अगस्त 2026 की FD ब्याज दरों की पूरी तुलना — जनरल और सीनियर सिटीजन दोनों के लिए, टेबल के साथ।

रेपो रेट एक साल से 5.25% पर टिका है, लेकिन इसका बोझ बराबर नहीं बंटा—लोन सस्ते तेज़ी से हुए, FD ब्याज उतनी तेज़ी से नहीं गिरा फिर भी घट रहा है, और दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड कर्ज रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। यह लेख बताता है कि नीति किसके पक्ष में झुकी है।

पैसों की अचानक जरूरत आ जाए तो FD तोड़ना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। जानिए FD के बदले लोन/ओवरड्राफ्ट कैसे काम करता है, प्रीमैच्योर विड्रॉल पर कितना नुकसान होता है, और किस स्थिति में क्या करना चाहिए — पूरा हिसाब-किताब के साथ।

इंडेक्सेशन बेनिफिट हटने के बाद डेट म्यूचुअल फंड और बैंक FD अब लगभग एक जैसे टैक्स स्लैब में आते हैं। जानिए कब FD बेहतर है, कब डेट फंड काम का, और कॉरपोरेट/NBFC FD में क्या जोखिम है।

लोकसभा में सरकार ने साफ़ किया — PF अंतिम निपटान से पहले 12 महीने और EPS निकासी से पहले 36 महीने का इंतज़ार; ज़रूरत में 75% तक निकासी आसान। हायर पेंशन के ताज़ा आँकड़े भी।

अगस्त 2026 से देश में CKYC 2.0 की शुरुआत हो रही है। बैंक और बीमा कंपनियां पहले चरण में जुड़ रही हैं। एक बार KYC कराने के बाद हर जगह दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी — बस OTP से सहमति देनी होगी। समझिए यह सिस्टम कैसे काम करेगा।

RBI ने डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड के शिकार लोगों के लिए मुआवजे का नया फ्रेमवर्क जारी किया है। 1 जनवरी 2027 से ₹50,000 तक के नुकसान पर ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकता है — लेकिन शर्तें जानना जरूरी है। 5 दिन के अंदर शिकायत करना सबसे बड़ी शर्त है।

अगस्त 2026 में क्रेडिट कार्ड यूज़र्स के लिए बड़े बदलाव आ रहे हैं। Axis Bank 28 अगस्त से करेंसी कन्वर्ज़न फीस 1.5% से बढ़ाकर 3.5% कर रहा है, लेट पेमेंट फीस बदल रही है और गिफ्ट कार्ड पर रिवॉर्ड बंद हो रहे हैं। HDFC पहले ही रिवॉर्ड पॉइंट 25-35% घटा चुका है। जानिए आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा और क्या करें।

क्लेम रिजेक्शन का मतलब हार नहीं है। 5 साल पुरानी पॉलिसी पर मोरेटोरियम की सुरक्षा, लिखित कारण पाने का हक, बीमा लोकपाल की मुफ्त सुनवाई — जानिए 2026 के नियमों में पॉलिसीधारक के पास कौन-कौन से हथियार हैं और क्लेम खारिज होने पर कदम-दर-कदम क्या करें।

सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त 2026 के आदेश के बाद नई कार पर 4 साल और नए दोपहिया पर 6 साल का थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ा है। जानिए आप पर क्या असर पड़ेगा, कितना खर्च बढ़ सकता है और 'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' की सच्चाई क्या है।

व्यक्तिगत हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर 18% GST सितंबर 2025 से खत्म हो चुका है, लेकिन 2026 में लाखों परिवारों का रिन्यूअल प्रीमियम फिर भी बढ़ रहा है। जानिए पूरा गणित — किसे कितना फायदा मिला, ITC का पेच क्या है, और रिन्यूअल पर पैसे बचाने के लिए क्या करें।