NPCI ने दिवाली के बाद टाला चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR, तारीख का ऐलान बाद में होगा

NPCI ने दिवाली के बाद टाला चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR, तारीख का ऐलान बाद में होगा

NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट को दिवाली के बाद लागू करने का फैसला किया है। UPI and Services Steering Committee ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है कि इस चार्ज को लागू करने की तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी।

MDR वह फीस है जो मर्चेंट द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए बैंकों और पेमेंट प्रोसेसर को दी जाती है। इस फैसले के बाद से मौजूदा जीरो-MDR प्रावधान उपभोक्ताओं और पात्र छोटे मर्चेंट के लिए लागू रहेंगे, जबकि शुल्क केवल फ्रेमवर्क के तहत कवर किए गए चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही लागू होंगे।

  • UPI and Services Steering Committee ने चुनिंदा P2M ट्रांजैक्शन पर MDR को दिवाली के बाद टाल दिया है।
  • लागू होने की सटीक तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी।
  • मौजूदा जीरो-MDR प्रावधान उपभोक्ताओं और छोटे मर्चेंट के लिए जारी रहेंगे।
  • मंत्रालय के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत P2M ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे।

MDR फ्रेमवर्क और शुल्क की मुख्य बातें

पहले घोषित फ्रेमवर्क के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के निर्दिष्ट मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लागू होता है। 75,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए 300 रुपये की कैप तय की गई है। 2,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे।

  • 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की दर 0.4 प्रतिशत है।
  • 75,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम कैप 300 रुपये है।
  • 2,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।

जरूरी सेक्टर और छोटे व्यापारियों के लिए नियम

निर्दिष्ट आवश्यक सेक्टरों में 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किया गया है। इन सेक्टरों में रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल, यूटिलिटीज और एजुकेशन शामिल हैं। मौजूदा QR कोड के माध्यम से प्रति माह 1 लाख रुपये तक की राशि कलेक्ट करने वाले छोटे मर्चेंट जीरो-MDR फ्रेमवर्क के दायरे में बने रहेंगे।

  • रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल, यूटिलिटीज और एजुकेशन सेक्टरों में 2,000 रुपये से अधिक पर 5 रुपये फ्लैट MDR है।
  • प्रति माह 1 लाख रुपये तक संग्रह करने वाले छोटे मर्चेंट जीरो-MDR में कवर होंगे।
  • स्थानांतरित राशि की परवाह किए बिना P2P UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।

वित्त मंत्रालय के आधिकारिक स्पष्टीकरण

वित्त मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नया फ्रेमवर्क व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन को प्रभावित नहीं करेगा। मर्चेंट को 2,000 रुपये तक के भुगतान और छोटे मर्चेंट के लिए जीरो-MDR फ्रेमवर्क के तहत आने वाले भुगतान भी मुफ्त रहेंगे। यह चार्ज पेमेंट इकोसिस्टम में प्रतिभागियों के बीच वितरित किया जाता है, जिसमें UPI इकोसिस्टम के संचालन और निरंतर विस्तार का समर्थन करने के लिए बैंक और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर शामिल हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला कोई चार्ज है।

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