सितंबर 2026 में बढ़कर 11.39 प्रतिशत हुई WPI इन्फ्लेशन, अगस्त में थी 9.92 प्रतिशत

सितंबर 2026 में बढ़कर 11.39 प्रतिशत हुई WPI इन्फ्लेशन, अगस्त में थी 9.92 प्रतिशत

भारत की होलसेल प्राइस इंडेक्स यानी WPI इन्फ्लेशन सितंबर 2026 में बढ़कर 11.39 प्रतिशत हो गई है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, यह बढ़ोतरी साल-दर-साल आधार पर दर्ज की गई है। अगस्त महीने में यह दर 9.92 प्रतिशत थी जो अब दो अंकों में पहुंच गई है।

सभी कमोडिटीज के लिए ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडेक्स सितंबर में बढ़कर 112.5 पर पहुंच गया। पिछले महीने यह आंकड़ा 110.8 पर था। कई प्रमुख सेक्टरों में होलसेल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इस सूचकांक में यह तेजी दर्ज की गई है।

  • सितंबर 2026 में WPI इन्फ्लेशन बढ़कर 11.39 प्रतिशत हुई।
  • अगस्त में WPI इन्फ्लेशन 9.92 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
  • फ्यूल एंड पावर सेक्टर में सबसे ज्यादा 25.85 प्रतिशत वार्षिक इन्फ्लेशन रही।
  • WPI फूड इंडेक्स की वार्षिक इन्फ्लेशन दर सितंबर में 8.66 प्रतिशत रही।
  • सितंबर के लिए प्रोविजनल इंडेक्स 83.4 प्रतिशत की वेटेड रिस्पॉन्स रेट के साथ तैयार किया गया।

इन सेक्टरों और कारणों से बढ़ी होलसेल कीमतें

जारी की गई रिलीज के अनुसार, WPI इन्फ्लेशन में इस बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख उत्पाद और सेक्टर रहे हैं। इसमें मिनरल ऑइल्स, फूड आर्टिकल्स, क्रूड पेट्रोलियम और नेचुरल गैस शामिल हैं।

इसके अलावा कोल एंड लिग्नाइट, बेसिक मेटल्स, केमिकल्स एंड केमिकल प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, रबर एंड प्लास्टिक प्रोडक्ट्स और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की कीमतों में भी तेजी आई है। इन सभी कारकों ने मिलकर होलसेल महंगाई को बढ़ाने का काम किया है।

प्रमुख कैटेगरी के आंकड़े और सूचकांक

विभिन्न प्रमुख कैटेगरी के सूचकांकों में सितंबर महीने के दौरान महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। फ्यूल एंड पावर कैटेगरी ने सितंबर में सबसे ज्यादा वार्षिक इन्फ्लेशन रेट 25.85 प्रतिशत दर्ज की। अगस्त में यह दर 22.93 प्रतिशत थी और इस सेगमेंट का इंडेक्स 108.3 से बढ़कर 110.5 हो गया।

मैन्युफैक्चरड प्रोडक्ट्स की इन्फ्लेशन सितंबर में बढ़कर 9.76 प्रतिशत हो गई जो अगस्त में 8.37 प्रतिशत थी। इस सेगमेंट का सूचकांक 108.8 से बढ़कर 110.2 पर पहुंच गया। प्राइमरी आर्टिकल्स की इन्फ्लेशन भी सितंबर में बढ़कर 8.67 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले महीने यह 7.76 प्रतिशत थी और इसका सूचकांक 118.1 से बढ़कर 120.3 हो गया।

WPI फूड इंडेक्स और जुलाई के अंतिम आंकड़े

ओवरऑल इंडेक्स में 24.99 प्रतिशत का वेट रखने वाले WPI फूड इंडेक्स ने सितंबर में 8.66 प्रतिशत की वार्षिक इन्फ्लेशन दर दर्ज की। अगस्त में यह दर 7.05 प्रतिशत थी। रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि फूड इंडेक्स में प्राइमरी आर्टिकल्स ग्रुप के तहत फूड आर्टिकल्स और मैन्युफैक्चरड प्रोडक्ट्स कैटेगरी के तहत मैन्युफैक्चर ऑफ फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं।

मंत्रालय ने पिछले महीने के डेटा के संबंध में बताया कि जुलाई 2026 के लिए फाइनल WPI इंडेक्स प्रोविजनल आंकड़े की तुलना में 110.0 पर अपरिवर्तित रहा। परिणाम स्वरूप, जुलाई के लिए फाइनल WPI इन्फ्लेशन रेट 9.78 प्रतिशत पर रही। जुलाई का फाइनल WPI इंडेक्स 2022-23 बेस ईयर के आधार पर 98.97 प्रतिशत की वेटेड रिस्पॉन्स रेट का उपयोग करके संकलित किया गया था। सितंबर का प्रोविजनल इंडेक्स 83.4 प्रतिशत की वेटेड रिस्पॉन्स रेट के साथ तैयार किया गया था।

ऑल इंडिया आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े

अलग से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सभी कमोडिटीज के लिए ऑल इंडिया आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स यानी PPI सितंबर में 112.5 पर रहा, जबकि अगस्त में यह 110.8 पर था। व्यक्तिगत सेक्टरों में माइनिंग एंड क्वारींग का आउटपुट PPI सितंबर में बढ़कर 129.2 हो गया जो अगस्त में 122.0 था।

एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री एंड फिशिंग का सूचकांक 116.5 से बढ़कर 118.7 हो गया। मैन्युफैक्चरड प्रोडक्ट्स का सूचकांक 109.7 से बढ़कर 111.0 पर पहुंच गया। इलेक्ट्रिसिटी का इंडेक्स भी अगस्त के 90.9 से बढ़कर सितंबर में 92.0 हो गया। जुलाई 2026 के लिए फाइनल आउटपुट इंडेक्स प्रोविजनल आंकड़े की तुलना में 109.9 पर अपरिवर्तित रहा।

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