ICICI बैंक की रिपोर्ट के अनुसार FY27 तक होलसेल इन्फ्लेशन उच्च स्तर पर रहने की संभावना

ICICI बैंक की रिपोर्ट के अनुसार FY27 तक होलसेल इन्फ्लेशन उच्च स्तर पर रहने की संभावना

ICICI बैंक की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत की होलसेल प्राइस इन्फ्लेशन मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के दौरान उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना है। वैश्विक एनर्जी और फूड प्राइसेस में बढ़ोतरी तथा अनफेवरबल बेस इफेक्ट के कारण कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2026 में होलसेल प्राइस इंडेक्स यानी WPI इन्फ्लेशन बढ़कर 11.4 परसेंट हो गई, जबकि अगस्त में यह 9.9 परसेंट थी। सितंबर 2025 में इन्फ्लेशन माइनस 0.2 परसेंट थी, जिससे तुलना के लिए एक लो बेस तैयार हुआ।

  • सितंबर 2026 में WPI इन्फ्लेशन बढ़कर 11.4 परसेंट हुई
  • सितंबर 2025 में इन्फ्लेशन माइनस 0.2 परसेंट थी
  • सितंबर में फ्यूल और पावर इन्फ्लेशन बढ़कर 26 परसेंट हुई
  • प्राथमिक फूड आर्टिकल्स की इन्फ्लेशन सितंबर में 8.1 परसेंट बढ़ी
  • मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की इन्फ्लेशन सितंबर में 9.8 परसेंट हुई

होलसेल इन्फ्लेशन और प्रमुख आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूल और पावर इन्फ्लेशन सितंबर में बढ़कर 26 परसेंट हो गई, जो अगस्त में 23 परसेंट थी। मिनरल ऑइल में इन्फ्लेशन बढ़कर 40 परसेंट हो गई, जबकि पिछले महीने यह 38.5 परसेंट थी।

ग्लोबल क्रूड ऑयल प्राइसेस जो FY26 में औसतन करीब USD 69 प्रति बैरल थीं, इस फाइनेंशियल ईयर में अब तक बढ़कर USD 94.6 प्रति बैरल हो गई हैं। वैश्विक एनर्जी प्राइसेस और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से आने वाले महीनों में फ्यूल इन्फ्लेशन और ऊपर जा सकती है।

मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स और फूड प्राइसेस का हाल

मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की इन्फ्लेशन सितंबर में बढ़कर 9.8 परसेंट हो गई, जो अगस्त में 8.4 परसेंट थी और 30 महीनों में इसका सबसे उच्चतम स्तर है। बेसिक मेटल्स की इन्फ्लेशन तेजी से बढ़कर 11 परसेंट से 17 परसेंट हो गई, जो वैश्विक कमोडिटी प्राइसेस को दर्शाती है।

केमिकल प्रोडक्ट्स की इन्फ्लेशन 16.7 परसेंट, टेक्सटाइल्स की 14 परसेंट और रबर एवं प्लास्टिक प्रोडक्ट्स की 13.5 परसेंट दर्ज की गई। इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट की इन्फ्लेशन 12 परसेंट और मोटर व्हीकल्स की इन्फ्लेशन 4.5 परसेंट रही।

फूड इन्फ्लेशन और अन्य क्षेत्र

प्राथमिक फूड आर्टिकल्स की इन्फ्लेशन सितंबर में बढ़कर 8.1 परसेंट हो गई, जिसमें वेजिटेबल्स की इन्फ्लेशन अगस्त के 3.1 परसेंट की तुलना में बढ़कर 16.5 परसेंट दर्ज की गई। फ्रूट प्राइसेस में साल-दर-साल 16.6 परसेंट की बढ़ोतरी हुई।

कंडीमेंट्स और स्पाइस इन्फ्लेशन सीरीज के उच्चतम स्तर 34.3 परसेंट पर पहुंच गई, जिसमें लहसुन की कीमतों में 98.7 परसेंट की वृद्धि शामिल है। प्याज की कीमतें साल-दर-साल 191 परसेंट बढ़ीं।

आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और निष्कर्ष

आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स यानी PPI सितंबर में बढ़कर 11.4 परसेंट हो गया, जो अगस्त में 9.8 परसेंट था। माइनिंग आउटपुट प्राइसेस साल-दर-साल 21.3 परसेंट बढ़ीं, जबकि मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट प्राइसेस में 12.6 परसेंट की बढ़ोतरी हुई।

ICICI बैंक के आउटपुट से संकेत मिलता है कि उच्च एनर्जी और फूड कॉस्ट तथा बेस इफेक्ट मिलकर FY27 तक होलसेल इन्फ्लेशन को बनाए रख सकते हैं।

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