यूपीआई एमडीआर पर मोहनदास पाई का बयान, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा और 96 प्रतिशत ट्रांजैक्शन रहेंगे अप्रभावित

यूपीआई एमडीआर पर मोहनदास पाई का बयान, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा और 96 प्रतिशत ट्रांजैक्शन रहेंगे अप्रभावित

बेंगलुरु के इंटरनेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस के दौरान इंफोसिस के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और बोर्ड मेंबर मोहनदास पाई ने केंद्र सरकार के MDR और UPI से जुड़े फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से तेजी से बढ़ रहे डिजिटल पेमेंट वॉल्यूम को सपोर्ट करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कुल UPI ट्रांजैक्शन का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा अप्रभावित रहेगा।

मोहनदास पाई ने ANI से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सभी UPI पेमेंट का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पर्सन-टू-पर्सन यानी P2P ट्रांजैक्शन है जो पूरी तरह से फ्री हैं। इसके अलावा 2,000 रुपये से कम के ट्रांजैक्शन भी MDR से पूरी तरह से exempt हैं। केवल 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर ही एक मामूली MDR लागू होगा।

  • लगभग 96 प्रतिशत UPI ट्रांजैक्शन MDR से पूरी तरह अप्रभावित रहेंगे।
  • लगभग 70 प्रतिशत पेमेंट पर्सन-टू-पर्सन P2P हैं जिन पर कोई चार्ज नहीं लगता है।
  • 2,000 रुपये से कम के पेमेंट भी MDR से पूरी तरह से exempt हैं।
  • MDR कोई टैक्स नहीं है बल्कि यह बैंको और पेमेंट प्रोवाइडर्स को दिया जाने वाला पेमेंट है।
  • ट्रांजैक्शन वॉल्यूम दो साल में 24 बिलियन से बढ़कर 50 बिलियन होने की उम्मीद है।

MDR को लेकर क्या बोले मोहनदास पाई

मोहनदास पाई ने स्पष्ट किया कि MDR कोई टैक्स नहीं है और यह क्रेडिट कार्ड की तरह ही काम करता है। उन्होंने बताया कि जब कोई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है तो मर्चेंट को क्रेडिट कार्ड कंपनी और बैंक को एक प्रोसेसिंग फीस चुकानी पड़ती है। यदि किसी को 2,500 रुपये का पेमेंट करना है तो अधिकांश लोग इसे 1,500 रुपये और 1,000 रुपये के दो छोटे पेमेंट में बांटकर 2,000 रुपये की सीमा से नीचे रह सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पूरी तरह से फ्री व्यवस्था में काम करने के कारण निवेश का भारी बोझ पूरी तरह से बैंकों, फिनटेक स्टार्टअप्स और डिजिटल पेमेंट कंपनियों पर था। इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए वित्तीय नुकसान और पूंजी निवेश बहुत ज्यादा रहा है।

ट्रांजैक्शन फेल होने की दर और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड

अचानक वॉल्यूम बढ़ने के कारण अतीत में UPI में 15 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक ट्रांजैक्शन फेल होने की दर का अनुभव हुआ है। दो साल में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 24 बिलियन से बढ़कर 50 बिलियन होने की उम्मीद के साथ रियल-टाइम प्रोसेसिंग को सपोर्ट करने के लिए पूरे IT इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना होगा।

उन्होंने सवाल किया कि उस अपग्रेड को कौन फंड करेगा और यदि बैंक पूरा खर्च उठाते हैं तो यह अंततः डिपॉजिटर्स को प्रभावित करता है। अब यह लागत उन मर्चेंट्स द्वारा साझा की जाएगी जो ऑनलाइन पेमेंट की पेशकश करने से सीधे लाभान्वित होते हैं।

सरकार का स्पष्टीकरण और नियम

सरकार ने कहा है कि पेश किए गए नए UPI फ्रेमवर्क का किसी भी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ता है। स्थानांतरित राशि की परवाह किए बिना सभी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन के लिए UPI पूरी तरह से फ्री बना रहेगा।

सभी P2M ट्रांजैक्शन का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा अप्रभावित रहेगा। MDR केवल 2,000 रुपये से अधिक के विशिष्ट मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही वसूला गया कोई चार्ज है, बल्कि इसे UPI इकोसिस्टम के संचालन और निरंतर विस्तार का समर्थन करने के लिए बैंकों और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स सहित पेमेंट इकोसिस्टम के भागीदारों के बीच वितरित किया जाता है।

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