
Opinion
थाली में भात नहीं, लेकिन सपनों में घी की कमी भी नहीं है!
माकपा नेता शमिक लाहिड़ी का तीखा व्यंग्य। जानिए कैसे 'मांस बनाम शाकाहार' और धार्मिक विवादों के बीच बेरोजगारी, एकल-शिक्षक स्कूलों और बुनियादी मुद्दों को दबाया जा रहा है।
16 September 2026 · 10 minराजकुमार अग्रवाल