टाटा संस की पब्लिक लिस्टिंग का शापूरजी पालोनजी ग्रुप ने किया समर्थन, पारदर्शिता के लिए बताया जरूरी

मुंबई, 18 सितंबर। टाटा संस के दूसरे सबसे बड़े शेयरधारक शापूरजी पालोनजी ग्रुप ने टाटा संस की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। यह बयान शुक्रवार को शापूरजी पालोनजी ग्रुप के चेयरमैन शापूरजी पालोनजी मिस्त्री द्वारा जारी किया गया।
समूह का कहना है कि इस कदम से टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी में पारदर्शिता, जवाबदेही और गवर्नेंस मजबूत होगी। मिस्त्री ने आरबीआई के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे टाटा संस के लिए आगे की राह साफ हो गई है।
- शापूरजी पालोनजी ग्रुप टाटा संस का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है और कंपनी में करीब 18.4 प्रतिशत या 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
- टाटा संस को आरबीआई के स्केल-बेड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत अपर-लेयर एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- आरबीआई ने रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने के आवेदन को खारिज कर दिया है और टाटा संस को जल्द से जल्द आवश्यक अनुपालन का निर्देश दिया है।
- टाटा ट्रस्ट्स टाटा संस में बहुमत हिस्सेदारी यानी करीब 66 प्रतिशत रखती है और उसने पब्लिक लिस्टिंग का विरोध किया है।
- टाटा ग्रुप की कंपनियां टाटा संस में कुल मिलाकर करीब 13 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं।
टाटा संस की शेयरधारिता संरचना और लिस्टिंग पर मतभेद
मिस्त्री ने कहा कि आरबीआई के निर्देश के बाद आगे का रास्ता साफ है। टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस बोर्ड के बीच प्रस्तावित लिस्टिंग को लेकर मतभेद हैं। टाटा ट्रस्ट्स ने पब्लिक लिस्टिंग का विरोध किया है, जबकि शापूरजी पालोनजी ग्रुप इसका समर्थन कर रहा है।
टाटा ग्रुप की जिन कंपनियों की हिस्सेदारी टाटा संस में है, उनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा स्टील, टाटा केमिकल्स, टाटा पावर, इंडियन होटल, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन शामिल हैं। मिस्त्री ने कहा कि टाटा संस की पब्लिक लिस्टिंग को केवल वित्तीय या नियामक मामला नहीं माना जाना चाहिए।
पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा
मिस्त्री ने कहा कि उन्होंने बार-बार कहा है कि टाटा संस की पब्लिक लिस्टिंग केवल वित्तीय या नियामक मामला नहीं है। यह एक सामाजिक और नैतिक अनिवार्यता है।
मिस्त्री के अनुसार, टाटा संस को लिस्ट करने से टाटा विरासत से जुड़े परोपकारी उद्देश्य को सुरक्षित रखते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विकास को एक हितधारक की दूसरे पर जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
टाटा संस, टाटा ट्रस्ट्स और अन्य हितधारकों के बीच जुड़ाव
मिस्त्री ने टाटा संस, टाटा ट्रस्ट्स और अन्य हितधारकों के बीच अधिक जुड़ाव का आह्वान किया है। लिस्टिंग शेयरधारकों और ट्रस्ट्स के बीच एक पुल बन सकती है।
यह पुल निजी विरासत और सार्वजनिक जवाबदेही, पीढ़ियों की देखरेख और भारत के महान अतीत और भविष्य के बीच काम कर सकता है। शापूरजी पालोनजी ग्रुप और टाटा ग्रुप का रिश्ता एक सदी से अधिक पुराना है।
मिस्त्री वर्तमान स्थिति का उपयोग मतभेदों को गहरा करने के बजाय घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए करना चाहते हैं। इस विकास से टाटा संस की भविष्य की ओनरशिप और गवर्नेंस स्ट्रक्चर को लेकर बहस और तेज हो सकती है।