सितंबर में ग्रॉस GST कलेक्शन 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2.04 लाख करोड़ रुपये हुआ, टैक्स एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी

भारत में सितंबर महीने में GST कलेक्शन मजबूत बना रहा है, लेकिन टैक्स रेवेन्यू में आयात और घरेलू ट्रांजैक्शन की ग्रोथ के बीच का बड़ा अंतर एक अहम बिंदु के रूप में सामने आया है। ग्रॉस GST कलेक्शन इस महीने 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जिसके बाद टैक्स एक्सपर्ट्स ने यह बात कही है।
सरकारी डेटा के अनुसार, सितंबर में ग्रॉस GST कलेक्शंस सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2.04 लाख करोड़ रुपये हो गया है। गुरुवार को जारी किए गए इन आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि घरेलू GST रेवेन्यू 10.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि आयात से मिलने वाला रेवेन्यू 25.9 प्रतिशत उछल गया है।
- सितंबर में ग्रॉस GST कलेक्शंस 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2.04 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
- घरेलू GST रेवेन्यू 10.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,37,996 करोड़ रुपये रहा है।
- आयात से होने वाला रेवेन्यू 25.9 प्रतिशत की तेजी के साथ 65,525 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
- नेट GST रेवेन्यू 18.1 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
टैक्स एक्सपर्ट्स की राय और आंकड़े
Price Waterhouse & Co LLP के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा कि यह अंतर यह सुझाव देता है कि कुल ग्रोथ में आयात का योगदान काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि GST कलेक्शंस मजबूत बने हुए हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प है कि घरेलू रेवेन्यू में 10.1 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है, जबकि आयात GST में लगभग 26 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है।
प्रतिक जैन ने कम्युलेटिव रिफंड में बढ़ोतरी की ओर भी इशारा किया और इसे बिजनेस की लिक्विडिटी के लिए एक पॉजिटिव साइन बताया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि घरेलू रेवेन्यू में लगातार ग्रोथ पर नजर रखना जरूरी बना रहेगा।
EY इंडिया और टैक्स कनेक्ट के बयान
EY इंडिया के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने भी आयात GST की तेज ग्रोथ पर प्रकाश डाला और कहा कि कुल कलेक्शंस डिमांड में लगातार मजबूती को दर्शाते हैं, लेकिन आयात के आंकड़ों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा और लगभग 15 प्रतिशत की ग्रोथ यह दिखाती है कि घरेलू डिमांड अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
सौरभ अग्रवाल ने यह भी कहा कि इस ट्रेंड के तहत घरेलू विनिर्माण को और मजबूत करने के लिए कुछ प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीमों की दोबारा समीक्षा की जा सकती है। Tax Connect Advisory Services LLP के पार्टनर विवेक जैन ने भी सितंबर को GST कलेक्शंस के लिए एक मजबूत महीना बताया और नेट GST रेवेन्यू में 18.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी का जिक्र किया।
- घरेलू रेवेन्यू 10.1 प्रतिशत बढ़कर 1,37,996 करोड़ रुपये हो गया है।
- आयात रेवेन्यू 25.9 प्रतिशत बढ़कर 65,525 करोड़ रुपये हो गया है।
- सितंबर महीने में घरेलू रिफंड में 13.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
विवेक जैन ने सितंबर के दौरान घरेलू रिफंड में आई गिरावट को रेखांकित करते हुए कहा कि व्यवसायों के लिए लिक्विडिटी सुनिश्चित करने हेतु इस पर करीब से नजर रखना जरूरी है। कुल मिलाकर, टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सितंबर के आंकड़े GST रेवेन्यू में निरंतर लचीलेपन को दिखाते हैं, जबकि आने वाले महीनों में आयात-लिंक्ड कलेक्शंस की तेज रफ्तार और रिफंड के ट्रेंड्स अहम संकेतक बने रहेंगे।