सेंसेक्स में 450 अंकों की भारी गिरावट, RBI की पॉलिसी आने से पहले बाजार में उथल-पुथल

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की सुबह एक बड़ी गिरावट देखने को मिली जब बीएसई सेंसेक्स 450 अंक नीचे लुढ़क गया। बाजार के खुलते ही आई इस तेज गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया है।
इस मंदी के कारण निफ्टी इंडेक्स गिरकर 22,620 के स्तर की तरफ पहुंच गया है। सभी बड़े सेक्टरों में निवेशकों का रुख काफी सतर्क बना हुआ है।
- सेंसेक्स में 450 अंकों की तुरंत गिरावट दर्ज की गई।
- निफ्टी इंडेक्स 22,620 के मार्क की तरफ आ गया।
- निवेशक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पॉलिसी का इंतजार कर रहे हैं।
- ग्लोबल फाइनेंशियल माहौल के कारण कैपिटल फ्लो प्रभावित हुआ।
- फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लू चिप शेयरों पर दबाव देखा गया।
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी पर टिकी नजरें
बाजार के सभी प्रतिभागियों का पूरा ध्यान अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से आने वाले मॉनेटरी पॉलिसी के ऐलान पर है। कई निवेशकों को उम्मीद है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों और इकोनॉमिक सपोर्ट पर स्पष्टता देगा।
बाजार में इस समय कमजोरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के दबावों के कारण बनी हुई है। मार्केट ऑब्जर्वर की रिपोर्ट्स के मुताबिक निवेशक महंगाई के ट्रेंड्स और सेंट्रल बैंक की पॉलिसी में बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क हैं।
शेयर बाजार में वोलैटिलिटी के मुख्य कारण
वैश्विक वित्तीय माहौल में होने वाले उतार-चढ़ाव भारतीय इक्विटी में आने वाले फॉरेन कैपिटल फ्लो को भी प्रभावित कर रहे हैं। इस सेशन के दौरान इंडिविजुअल शेयरों पर बहुत ज्यादा दबाव देखने को मिला है।
रेगुलेटरी अपडेट आने से पहले इंस्टीट्यूशनल ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन का दोबारा आकलन किया है। इसके चलते फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों और ब्लू चिप शेयरों के वैल्यूएशन में कमी आई है।
आगे की चाल और बाजार का रुख
एनालिस्ट्स का कहना है कि आज सुबह दिखने वाली यह वोलैटिलिटी इन अनिश्चितताओं के खिलाफ एक सीधा रिएक्शन है। दिन भर जारी होने वाले किसी भी ऑफिशियल कम्युनिकेशन के प्रति बेंचमार्क इंडेक्स संवेदनशील बने रहने की उम्मीद है।
ट्रेडर्स इस बात की तलाश कर रहे हैं कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी इकोनॉमिक ग्रोथ और प्राइस स्टेबिलिटी के बीच कैसे संतुलन बनाएगी। इन सेशंस के दौरान लिक्विडिटी बनाए रखना कई मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मुख्य फोकस रहेगा।
ऑफिशियल फैसले का इंतजार कर रही फाइनेंशियल कम्युनिटी
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि पॉलिसी के उद्देश्य साफ होने के बाद ही बाजार का रुख संभवतः स्थिर होगा। आने वाले घंटों में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अपनी स्ट्रैटेजी कैसे बदलते हैं, यह देखने के लिए ऑब्जर्वर इंडेक्स पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल जब तक फाइनेंशियल कम्युनिटी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ऑफिशियल फैसले का इंतजार कर रही है, तब तक मार्केट का सेंटीमेंट सतर्क बना हुआ है।