शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1045 अंक लुढ़का और निफ्टी 52 हफ्ते के नए निचले स्तर 22,179 पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की लगातार बिकवाली और आरबीआई की मौद्रिक नीति में सख्ती के चलते निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
सेंसेक्स पिछले बंद 72,638.70 के मुकाबले 1045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,593.24 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी पिछले बंद 22,603.05 के मुकाबले 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,231.80 पर बंद हुआ और 22,250 के नीचे फिसलकर 22,179 का नया 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ।
- सेंसेक्स 1045.46 अंक गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 371.25 अंक लुढ़ककर 22,231.80 पर बंद हुआ।
- निफ्टी ने 22,179 का नया 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ।
- ब्रेंट क्रूड ऑयल 104 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
- आरबीआई ने रेपो रेट 25 bps बढ़ाकर 5.50% किया।
बाजार के प्रमुख उतार-चढ़ाव और सेक्टर का हाल
सभी ब्रॉड मार्केट इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 50 सबसे ज्यादा 2.71 प्रतिशत गिरा।
सेक्टर के हिसाब से निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसके बाद हेल्थकेयर और फार्मा जैसे सेक्टर रहे।
बीएसई और एनएसई के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
बीएसई पर टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इंफोसिक्स टॉप गेनर्स रहे। आईटीसी, इंडिगो, पावर ग्रिड, बीईएल, अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, रिलायंस, मारुति, टाटा स्टील, एलएंडटी और भारती एयरटेल टॉप ड्रैग्स में शामिल रहे।
एनएसई पर इंफोसिक्स, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे। अडानी एंटरप्राइजेज, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईटीसी, मैक्स हेल्थ, इंडिगो, टीएमजीवी, पावर ग्रिड, बीईएल, आयशर मोटर्स, एटरनल और एशियाई पेंट्स टॉप लूजर्स रहे।
विशेषज्ञों की राय और मैक्रोइकॉनॉमिक कारण
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने बताया कि बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। मेटल, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में भारी गिरावट रही जबकि आईटी ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई।
मिडकैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड 102 से 103 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया और अमेरिका का 10-साल का Treasury yield 5.3% के आसपास उच्च बना रहा।
रिपोर्टिंग के समय ब्रेंट क्रूड लगभग 104.49 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था जबकि क्रूड ऑयल लगभग 91.94 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
गोल्ड और सिल्वर का हाल
रिद्धि सिद्धि बुलियंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पृथ्वीराज कोठारी ने बताया कि डॉलर के 18 महीने के उच्च स्तर पर रहने और फेड द्वारा एक और दर वृद्धि की उम्मीदों के कारण सोना और चांदी दोनों प्रमुख समर्थन स्तर से नीचे टूट गए हैं।
आईएमएफ ने भी उच्च ऊर्जा कीमतों, रिकॉर्ड कर्ज और एआई बूम से जोखिमों की चेतावनी दी है।
- सोना अब 4000 डॉलर की ओर देख रहा है।
- चांदी का हेड-एंड-शোল्डर ब्रेकडाउन 57 डॉलर की ओर इशारा करता है।