भारतीय सेकेंडरी मार्केट बॉटमिंग-आउट लेवल के करीब, जल्द आ सकता है पॉजिटिव मोमेंटम

भारतीय सेकेंडरी मार्केट बॉटमिंग-आउट लेवल के करीब, जल्द आ सकता है पॉजिटिव मोमेंटम

भारतीय सेकेंडरी मार्केट अब अपने बॉटमिंग-आउट लेवल के बहुत करीब पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में मार्केट में पॉजिटिव मोमेंटम देखने को मिल सकता है।

प्राइमरी मार्केट यानी IPO की एक्टिविटी में धीमापन आने से सेकेंडरी मार्केट को सपोर्ट मिल सकता है। यह बात HEM Securities की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आस्का जैन शाह ने कही है।

  • ऑगस्ट महीने में लगभग 23 IPO मार्केट में आए थे।
  • सितंबर महीने में IPO की संख्या बढ़कर करीब 32 से 33 हो गई थी।
  • अक्टूबर-नवंबर विंडो में Jio Platforms का IPO आ सकता है।
  • Jio Platforms कुल 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है।
  • FPI फ्लो यानी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का रोल मार्केट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

IPO एक्टिविटी में आ सकती है नरमी

ऑगस्ट और सितंबर की भारी तेजी के बाद आने वाले महीनों में IPO की संख्या कम हो सकती है। 1 अक्टूबर से लागू हुए नए नियमों के तहत कंपनियों को अपडेटेड फाइनेंशियल्स के साथ प्रॉस्पेक्टस दोबारा तैयार या फाइल करने की जरूरत होगी। यह रेगुलेटरी जरूरत भी IPO की रफ्तार धीमी होने का एक बड़ा कारण है। इस सुस्ती के चलते सेकेंडरी मार्केट में पॉजिटिव एक्टिविटी लौटने की उम्मीद है।

Jio Platforms IPO और वैल्यूएशन

Jio Platforms का IPO दिवाली से पहले आने की उम्मीद है हालांकि इसकी कोई पक्की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह पूरा इश्यू फ्रेश इश्यू के जरिए होगा और इसमें कोई ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल नहीं है। लगभग 70 से 80 प्रतिशत IPO उचित वैल्यूएशन पर लाए गए थे। मर्चेंट बैंकर अब इस बात को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं कि निवेशक किस तरह का वैल्यूएशन स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

रिजल्ट सीजन और विदेशी निवेशकों की भूमिका

आज से 7 से 8 या 10 दिनों के भीतर कंपनियों के रिजल्ट आने शुरू हो जाएंगे। यह रिजल्ट सीजन भी सेकेंडरी मार्केट के मूड को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। मजबूत हो रहा रुपया FPI सेंटीमेंट को बेहतर बना सकता है। कमजोर करेंसी, ऊंचे क्रूड ऑयल प्राइसेस और मजबूत डॉलर ने पहले मार्केट एनवायरमेंट पर दबाव बनाया हुआ है।

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