भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या अगले 10 साल में 24 से 26 करोड़ तक पहुंच सकती है: SEBI प्रमुख तुहिन कांता पांडे

भारत में म्यूचुअल फंड यूनिक निवेशक बेस अगले 10 साल में 6.6 करोड़ से बढ़कर 24 से 26 करोड़ तक पहुंच सकता है। यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने गुरुवार को दी। उन्होंने मुंबई में आयोजित संवाद इंडिया ओपन फाइनेंस समिट 2026 के इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
यह वृद्धि अनुमान 14 से 15 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर पर आधारित है। तुहिन कांता पांडे ने कहा कि यदि आप 14 से 15 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वृद्धि दर लागू करते हैं, तो 10 वर्षों में उनकी संख्या 24, 25 या 26 करोड़ तक पहुंच जाएगी।
- म्यूचुअल फंड निवेशक बेस 10 साल में 6.6 करोड़ से बढ़कर 24 से 26 करोड़ हो सकता है।
- वृद्धि अनुमान 14 से 15 प्रतिशत की वार्षिक दर पर आधारित है।
- SEBI प्रमुख तुहिन कांता पांडे ने संवाद इंडिया ओपन फाइनेंस समिट 2026 में यह बात कही।
- बीमा होल्डिंग्स को वित्तीय डेटा नेटवर्क में लाने के लिए IRDAI को पत्र लिखा गया है।
- SEBI की प्रोजेक्ट जागृत पहल नौ दिनों में लगभग 44 करोड़ निवेशक जागरूकता संदेश भेज चुकी है।
बाजार पहुंच और निवेशकों की आसानी
तुहिन कांता पांडे ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs और घरेलू निवेशकों दोनों के लिए बाजार पहुंच को सरल बनाना नियामक की एक बुनियादी जिम्मेदारी है, न कि कोई अतिरिक्त बोझ। उन्होंने कहा कि वह इसे भारी भरकम काम नहीं मानते हैं, बल्कि इसे हर किसी के लिए निवेश को आसान बनाना एक बुनियादी काम मानते हैं। SEBI और अन्य नियामकों ने वित्तीय बाजारों में प्रवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उपाय पेश किए हैं।
वित्तीय जानकारी का एकीकरण
क्षेत्रों में वित्तीय जानकारी को एकीकृत करने पर SEBI प्रमुख ने कहा कि उन्होंने बीमा होल्डिंग्स को वित्तीय डेटा नेटवर्क में लाने के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI को लिखा है। इस कदम से स्टॉक, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS होल्डिंग्स, बैंक जमा और बीमा पॉलिसियों सहित निवेश और वित्तीय संपत्तियों को कवर करने वाला एक समेकित खाता विवरण यानी CAS बनाने में मदद मिलेगी।
लक्ष्य और सुरक्षा प्रणालियां
तुहिन कांता पांडे ने कहा कि SEBI म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या बढ़ाने के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित नहीं करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निवेशक जागरूकता, अनुशासन और सावधानी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बाजार के बुनियादी ढांचे के संस्थानों, डिपॉजिटरी, ब्रोकरेज और अन्य मध्यस्थों से निवेशकों और उनके निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक में निवेश करने और सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने का आह्वान किया।
वित्तीय साक्षरता और प्रोजेक्ट जागृत
वित्तीय साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तुहिन कांता पांडे ने कहा कि SEBI की प्रोजेक्ट जागृत पहल का उद्देश्य निवेश जागरूकता को एक आवश्यक जीवन कौशल बनाना है, जो मोबाइल फोन और एप्लिकेशन का उपयोग करने की क्षमता के समान है। उन्होंने कहा कि नियामक ने डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करके अपनी पहुंच का विस्तार करने के लिए नौ दिनों में लगभग 44 करोड़ निवेशक जागरूकता संदेश भेजे हैं। यह पहल 13 भाषाओं में उपलब्ध है और इसका उद्देश्य लद्दाख, कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश सहित दूरदराज के क्षेत्रों में निवेशकों तक पहुंचना है। तुहिन कांता पांडे ने लोगों को वित्तीय साक्षरता में सुधार करने और सूचित निवेश निर्णय लेने में मदद करने के लिए अपनी पसंद की भाषाओं में निवेश जागरूकता जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।