रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में स्टारलिंक जैसी ग्लोबल कंपनियों की एंट्री का किया स्वागत

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया कि कंपनी को भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा से कोई डर नहीं है। कॉरपोरेट समूह ने एलन मस्क के स्टारलिंक सहित सभी वैश्विक कंपनियों के घरेलू बाजार में प्रवेश का स्वागत किया है। रिलायंस ने यह जोर देकर कहा कि वह प्रतिस्पर्धा को सर्विस क्वालिटी और उपभोक्ता संतुष्टि की जांच करने का एक सकारात्मक माध्यम मानती है, बशर्ते सभी प्रतिभागी भारत के स्थापित कानूनी और विधिक मानकों का पालन करें।
यह बयान देश में सैटेलाइट इंटरनेट प्रदाताओं के प्रवेश को लेकर चल रही व्यापक चर्चा के बीच सामने आया है। रिलायंस ने यह भी बताया कि उसकी अपनी इकाई जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन वर्तमान में इन्हीं सरकारी मंजूरी प्रक्रियाओं से गुजर रही है और अंतिम क्लीयरेंस का इंतजार कर रही है। यह स्पष्टीकरण एलन मस्क द्वारा इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर सैटेलाइट सेवाओं में बाधा डालने के आरोपों के बाद आया है।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में ग्लोबल कंपनियों की एंट्री का स्वागत किया।
- जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन वर्तमान में सरकारी मंजूरी प्रक्रियाओं से गुजर रही है और अंतिम क्लीयरेंस का इंतजार कर रही है।
- कम्युनिकेशन मंत्रालय के अनुसार भारत का विधिक ढांचा निष्पक्ष और भेदभाव रहित है।
- तीन GMPCS सेवा प्रदाताओं को पहले ही टेलीकॉम लाइसेंस दिए जा चुके हैं।
- केंद्रीय कम्युनिकेशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार टेक्नोलॉजी-अग्नॉस्टिक बनी हुई है।
कम्युनिकेशन मंत्रालय और सरकार का पक्ष
कम्युनिकेशन मंत्रालय ने सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि भारत का सैटेलाइट कम्युनिकेशन विधिक ढांचा पूरी तरह निष्पक्ष और भेदभाव रहित है। मंत्रालय के अनुसार तीन ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) सेवा प्रदाताओं को पहले ही टेलीकॉम लाइसेंस दिए जा चुके हैं और इन संस्थाओं के लिए सुरक्षा आकलन वर्तमान में चल रहे हैं।
केंद्रीय कम्युनिकेशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह बयान दिया कि सरकार टेक्नोलॉजी-अग्नॉस्टिक बनी हुई है और सेक्टर में एकाधिकार को रोकने के लिए एक स्वतंत्र और अनुमानित ढांचे के प्रति प्रतिबद्ध है।
रिलायंस द्वारा कानूनों का पालन करने पर जोर
रिलायंस ने इस रुख को मजबूत करते हुए कहा कि जियो सहित सभी बाजार खिलाड़ियों को कमर्शियल सेवाएं शुरू करने से पहले कुछ विशेष कानूनों का पालन करना अनिवार्य है।
- टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट ऑफ 2023
- टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्ट
- प्रासंगिक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कानून