जून 2026 तिमाही में बैंकों की रेगुलेटरी डेटा क्वालिटी सुधरी, RBI का sDQI बढ़कर 93.3 हुआ

शेड्यूलड कमर्शियल बैंकों द्वारा सबमिट किए जाने वाले रेगुलेटरी डेटा की क्वालिटी में जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान सुधार दर्ज किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI द्वारा मंगलवार को जारी डेटा के अनुसार, रिजर्व बैंक का सुपरवाइजरी डेटा क्वालिटी इंडेक्स यानी sDQI मार्च 2026 के 90.7 से बढ़कर जून में 93.3 हो गया है।
यह सुधार बैंकों द्वारा रिपोर्ट किए जाने वाले डेटा की एक्यूरेसी में तेज वृद्धि के कारण हुआ है। सेंट्रल बैंक द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, जून तिमाही में यह रिपोर्टिंग चार मुख्य पैमानों पर आधारित थी।
- जून 2026 तिमाही में sDQI स्कोर बढ़कर 93.3 हो गया, जो मार्च 2026 में 90.7 था।
- डेटा की एक्यूरेसी का स्कोर मार्च के 86.8 से बढ़कर जून में 96.3 हो गया।
- कंप्लीटेंस स्कोर मार्च के 96.4 से सुधरकर 96.9 पर पहुंच गया।
- टाइमलाइनैस स्कोर 92.1 से बढ़कर 92.8 हो गया।
- consistency स्कोर मार्च के 87.4 से मामूली रूप से घटकर 87.3 पर आ गया।
आरबीआई की रिपोर्ट और sDQI के पैरामीटर
RBI ने अपनी सुपरवाइजरी डेटा क्वालिटी इंडेक्स रिपोर्ट में कहा कि शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों का sDQI स्कोर मार्च 2026 की तुलना में जून 2026 में बेहतर हुआ है। यह इंडेक्स बैंकों द्वारा सबमिट किए जाने वाले रेगुलेटरी डेटा की क्वालिटी को चार पैमानों पर मापता है।
इन चार पैमानों में एक्यूरेसी, टाइमलाइनैस, कंप्लीटेंस और consistency शामिल हैं। इसमें रिटर्न और माइक्रोडेटा शामिल होते हैं जिनका उपयोग सुपरवाइजरी असेसमेंट के लिए किया जाता है।
विभिन्न कैटेगरी के बैंकों का प्रदर्शन
विभिन्न कैटेगरी के बैंकों में स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने जून में सबसे अधिक कुल sDQI स्कोर 93.8 दर्ज किया, जो मार्च में 90.4 था। पब्लिक सेक्टर बैंकों और फॉरेन बैंकों दोनों ने 93.7 का स्कोर दर्ज किया, जो मार्च में क्रमशः 90.7 और 91.4 था।
प्राइवेट सेक्टर बैंकों का स्कोर इसी अवधि के दौरान 89.3 से सुधरकर 92.2 हो गया। सेंट्रल बैंक ने बताया कि जून में केवल एक एंटिटी का स्कोर 80 से नीचे था।
RBI का स्कोर वर्गीकरण और इंडेक्स का दायरा
RBI 90 से अधिक के sDQI स्कोर को गुड, 80 और 90 के बीच के स्कोर को एक्सेप्टेबल, 70 और 80 के बीच के स्कोर को नीड्स इम्प्रूवमेंट और 70 से कम के स्कोर को मेजर कंसर्न्स के रूप में क्लासिफाइ करता है। यह इंडेक्स 87 शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों को कवर करता है।
यह इंडेक्स एसेट और लाइबिलिटी पोजीशन, एसेट क्वालिटी, ऑपरेटिंग रिजल्ट्स, लिक्विडिटी, कैपिटल एडिक्वेंसी और बड़े क्रेडिट एक्सपोजर जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख रेगुलेटरी फाइलिंग का असेसमेंट करता है। RBI ने कहा कि इस इंडेक्स का उद्देश्य कमर्शियल बैंक्स सुपरवाइजरी रिटर्न्स डायरेक्शंस 2026 और स्मॉल फाइनेंस बैंक्स सुपरवाइजरी रिटर्न्स डायरेक्शंस 2026 के तहत निर्धारित सिद्धांतों का बैंकों द्वारा पालन करना है।