RBI जल्द शुरू कर सकता है रेट-हाइक साइकिल, FY27 तक 6% तक पहुंच सकता है repo rate

RBI जल्द शुरू कर सकता है रेट-हाइक साइकिल, FY27 तक 6% तक पहुंच सकता है repo rate

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही एक रेट-हाइक साइकिल की शुरुआत कर सकता है जिसके तहत FY27 के अंत तक repo rate 6 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। Union Bank of India और ICICI Bank की रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ती महंगाई, ऊंचे ग्लोबल यील्ड और मजबूत घरेलू विकास के कारण सख्त मौद्रिक नीति की संभावना मजबूत हो रही है।

ये रिपोर्ट्स RBI की 5-7 अक्टूबर की Monetary Policy Committee की बैठक के दूसरे दिन से पहले जारी की गई हैं। दोनों रिपोर्ट्स कुल 75 बेसिस पॉइंट की टाइटनिंग साइकिल पर सहमत हैं, हालांकि पॉलिसी स्टेंस और जोखिमों को लेकर उनके विचार अलग हैं जो दरों में बढ़ोतरी की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

  • Union Bank का अनुमान है कि MPC मौजूदा समीक्षा में repo rate को एक चौथाई प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर देगी।
  • Union Bank ने कहा है कि अक्टूबर की MPC एक रेट-हाइक साइकिल की शुरुआत करेगी जिसमें 75 bps बेसलाइन है और repo rate FY27 के अंत तक 6 प्रतिशत पर पहुंचेगा।
  • ICICI Bank का बेस केस भी 75 bps साइकिल का है जिससे वास्तविक ब्याज दरें 1.4 से 1.9 प्रतिशत के दायरे में रहेंगी।
  • ICICI Bank ने FY27 के लिए CPI inflation का अनुमान 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है।
  • Union Bank ने FY27 CPI inflation का अनुमान लगभग 5.4 प्रतिशत लगाया है।

महंगाई के बढ़ते आंकड़े और अन्य जोखिम

ICICI Bank के अनुसार महंगाई अधिक व्यापक होती जा रही है और core inflation भी ऊपर की ओर बढ़ रहा है। बैंक का अनुमान है कि FY27 की तीसरी तिमाही में CPI inflation लगभग 5.9 प्रतिशत के शिखर पर पहुंच सकता है।

Union Bank का महंगाई का दृष्टिकोण अधिक ऊंचा है और उसका अनुमान है कि FY27 की दूसरी छमाही के कुछ हिस्सों में महंगाई 6 प्रतिशत से ऊपर बनी रहेगी। कम मानसून की स्थिति और 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास के crude prices महंगाई के दबाव को बढ़ा रहे हैं।

लिक्विडिटी मैनेजमेंट और ग्लोबल फैक्टर्स

ICICI Bank ने कहा है कि घरेलू और बाहरी विकास नीतिगत सख्ती की मांग करते हैं। विदेशी मुद्रा प्रवाह के बाद core liquidity में तेज वृद्धि हुई है और इसके लिए आगे absorption की आवश्यकता होगी।

दर चक्र का आकार तेल की कीमतों, वैश्विक मौद्रिक नीति और मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगा। Union Bank का अनुमान है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सख्ती 50 से 75 bps तक सीमित हो सकती है, जबकि लंबे समय तक तेल का झटका चक्र को 100 से 125 bps तक धकेल सकता है।

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