RBI rate hike से NBFCs की asset quality पर व्यापक असर की संभावना नहीं, Nuvama report

RBI rate hike से NBFCs की asset quality पर व्यापक असर की संभावना नहीं, Nuvama report

RBI द्वारा संभावित rate hike से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों ( NBFCs ) की asset quality में व्यापक स्तर पर तनाव आने की संभावना नहीं है। Nuvama Institutional Equities की अक्टूबर रिपोर्ट के अनुसार, यह जोखिम कुछ चुनिंदा सेगमेंट तक ही सीमित रह सकता है, जब तक कि इसके साथ लंबा tightening cycle या बड़ा macroeconomic shock न जुड़े।

रिपोर्ट में बताया गया है कि NBFCs की asset quality वर्तमान में मजबूत है। अतीत के रुझान भी यह बताते हैं कि केवल rate hikes की वजह से कभी भी व्यापक स्तर पर तनाव पैदा नहीं हुआ है।

  • RBI rate hike से NBFCs की asset quality पर व्यापक तनाव की उम्मीद नहीं है।
  • FY22-24 के दौरान repo rate में 250-basis-point की बढ़ोतरी के बावजूद NBFC asset quality में सुधार हुआ था।
  • मार्च 2022 में GNPA 5.7 प्रतिशत था जो मार्च 2023 तक घटकर 4.6 प्रतिशत रह गया।
  • West Asia conflict और global spill-overs का असर अभी तक कुछ चुनिंदा low-ticket unsecured PL, BL, micro-LAP और CV/CE सेगमेंट तक ही सीमित है।
  • मजबूत capital और provision buffers तथा systemic liquidity की वजह से asset-quality ratios सुरक्षित रहने की उम्मीद है।

अतीत के रुख और वर्तमान जोखिमों का विश्लेषण

रिपोर्ट के अनुसार, केवल monetary tightening अपने आप में NBFC asset quality में व्यापक गिरावट लाने के लिए पर्याप्त नहीं रही है। तनाव आमतौर पर तब बढ़ा है जब rate hikes के साथ लंबे समय तक external shocks या funding/liquidity disruptions आए हों।

FY22-24 के tightening cycle के दौरान, repo rate में 250-basis-point की वृद्धि के बावजूद NBFC asset quality में सुधार देखा गया था। इसे मजबूत credit growth, अधिक write-offs, बेहतर underwriting और मजबूत provision buffers का समर्थन मिला था।

RBI का हवाला देते हुए रिपोर्ट में आगे बताया गया कि gross non-performing assets ( GNPAs ) मार्च 2022 के 5.7 प्रतिशत से घटकर मार्च 2023 में 4.6 प्रतिशत हो गए थे।

वर्तमान जोखिम और प्रॉफिटेबिलिटी पर प्रभाव

मौजूदा जोखिमों पर बात करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि West Asia conflict और global spill-overs का प्रभाव अब तक सीमित रहा है। यह प्रभाव केवल चुनिंदा low-ticket unsecured PL, BL, micro-LAP और CV/CE सेगमेंट तक ही सीमित है।

इसके साथ ही, El Niño से जुड़े जोखिम अब तक सीमित रहे हैं, लेकिन winter crop पर असर पड़ने से इसका वास्तविक प्रभाव कुछ समय बाद दिखाई दे सकता है जिस पर नजर रखना जरूरी है। अधिकांश NBFCs में मजबूत capital और provision buffers, प्रचुर systemic liquidity और credit growth को समर्थन के कारण headline asset-quality ratios को सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

Profitability के संबंध में Nuvama का कहना है कि interest-rate cycle का NBFC margins पर प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि assets और liabilities कितनी तेजी से reprice होते हैं। Existing assets-liabilities के repricing और incremental movement के बीच के अंतर के कारण rate cycle का margins पर प्रभाव एक जैसा नहीं होगा।

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