RBI शुरू कर सकता है 75 bps रेट हाइक साइकिल, महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दावा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अक्टूबर में 75 basis points की कुल बढ़ोतरी के साथ एक रेट हाइक साइकिल की शुरुआत कर सकता है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, सप्लाई से जुड़े झटके लगातार बढ़ रहे हैं और रिटेल महंगाई FY27 की दूसरी छमाही के दौरान 6 प्रतिशत से ऊपर रहने की उम्मीद है।
यह रिपोर्ट 6 अक्टूबर को जारी की गई थी, जो आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा से ठीक पहले आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा की बढ़ती लागत, ग्लोबल सेमीकंडक्टर की ऊंची कीमतें और अल नीनो से जुड़ी सप्लाई की बाधाएं कीमतों के दबाव को और बढ़ा रही हैं।
- RBI द्वारा अक्टूबर में 75 bps रेट हाइक साइकिल शुरू करने की संभावना जताई गई है।
- FY27 के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
- FY27 में फूड इन्फ्लेशन के 7 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है।
- रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का महंगाई का अनुमान 5 प्रतिशत है।
- जनवरी से अगस्त के बीच हेडलाइन इन्फ्लेशन में 209 basis points की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई के अनुमान और रिपोर्ट के आंकड़े
बैंक की रिसर्च टीम ने FY27 के लिए Consumer Price Index (CPI) आधारित महंगाई 5.4 प्रतिशत प्रोजेक्ट की है, जो मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के 5 प्रतिशत के अनुमान से ज्यादा है। रिपोर्ट का मानना है कि महंगाई तीसरी तिमाही में अपने पीक पर पहुंचेगी लेकिन मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के बाद भी ऊंची बनी रहेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, CPI Q3FY27 में पीक पर पहुंचने के बाद H2-FY27 के दौरान लगातार 6 प्रतिशत यानी इन्फ्लेशन टारगेट रेंज 4 +/- 2 प्रतिशत के ऊपरी स्तर से ऊपर बनी रहेगी। इसके अलावा FY28 की पहली छमाही में भी महंगाई का दबाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।
फूड इन्फ्लेशन और मानसून की स्थिति का असर
FY26 के 0.2 प्रतिशत की तुलना में FY27 में फूड इन्फ्लेशन 7 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में अनाज, दालों, चीनी और खाद्य तेलों में लगातार बने दबाव का जिक्र किया गया है, जिससे साफ होता है कि यह बढ़ोतरी केवल सब्जियों की अस्थिर कीमतों तक सीमित नहीं है।
मानसून में 13 प्रतिशत की कमी और कम वॉटर रिजर्व लेवल का असर आगामी रबी की फसल पर पड़ सकता है, जिससे अनाज की कीमतों पर दबाव लंबा खिंच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉटर रिजर्व लेवल एक साल पहले के 92 प्रतिशत के मुकाबले 72 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
कमोडिटी की ऊंची कीमतों और कोर इन्फ्लेशन की स्थिति
बढ़ी हुई कमोडिटी कॉस्ट लगातार सामानों और सेवाओं की कीमतों में ट्रांसफर हो रही है। रिपोर्ट का अनुमान है कि जनवरी से अगस्त के बीच हेडलाइन महंगाई में हुई बढ़ोतरी में कमोडिटी का योगदान लगभग 55 प्रतिशत रहा है।
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच हेडलाइन CPI में 209 basis points की तेजी आई है, जिसमें से लगभग 55 प्रतिशत यानी 116 bps की वजह कमोडिटी की कीमतों में उछाल है। फूड और फ्यूल को छोड़कर निकाली जाने वाली कोर इन्फ्लेशन जनवरी के 3.4 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 4.44 प्रतिशत हो गई, जिसे FY27 के लिए 4.3 प्रतिशत प्रोजेक्ट किया गया है।
क्रूड ऑयल की कीमत करीब 100 USD प्रति बैरल के आसपास मंडराने और मजबूत घरेलू मांग के कारण सप्लाई साइड का दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि इनपुट कॉस्ट का उपभोक्ताओं पर असर जारी रह सकता है, जिससे महंगाई MPC के लिए एक मुख्य चिंता का विषय बनी रहेगी।