RBI सर्वे के अनुसार Q3FY27 में कृषि को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में मजबूत होगी लोन डिमांड

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( RBI ) के लेटेस्ट बैंक लेंडिंग सर्वे ( BLS ) के अनुसार बैंक यह उम्मीद कर रहे हैं कि Q3FY27 में भारतीय अर्थव्यवस्था के अधिकांश सेक्टर में क्रेडिट डिमांड मजबूत होगी। इस सर्वे से यह पता चला है कि बैंकिंग सेक्टर के अधिकारी लेंडिंग गतिविधि को लेकर काफी आशावादी बने हुए हैं। Q2FY27 की तुलना में इस तिमाही के दौरान कुल लोन टर्म और शर्तें अपरिवर्तित रहने की संभावना है।
यह जानकारी सेंट्रल बैंक के बैंक लेंडिंग सर्वे के 37वें राउंड से सामने आई है। इस सर्वे में प्रमुख शड्यूल कमर्शियल बैंकों के सीनियर लोन अधिकारियों के जवाब शामिल किए गए हैं। यह सर्वे प्रमुख आर्थिक सेक्टर में क्रेडिट डिमांड और लेंडिंग स्थितियों का आकलन करता है।
- Q3FY27 में कृषि सेक्टर को छोड़कर अधिकांश सेक्टर में लोन डिमांड मजबूत होने की उम्मीद है।
- बैंकर्स की उम्मीदों में सुधार मुख्य रूप से मौसमी डिमांड के कारण हुआ है।
- Q3FY27 के दौरान कुल लोन टर्म और शर्तें पिछली तिमाही की तरह ही अपरिवर्तित रहने की संभावना है।
- Q2FY27 के दौरान भी बैंकर्स ने अर्थव्यवस्था के प्रमुख सेक्टर में क्रेडिट डिमांड को लेकर पॉजिटिव सेंटीमेंट दिखाया था।
- Q3FY27 के आगे भी बैंकर्स ने Q4FY27 और Q1FY28 के दौरान क्रेडिट डिमांड पर आशावादी रुख बनाए रखा है।
Q2FY27 में कैसा रहा बैंकर्स का रुख
Q2FY27 के दौरान बैंकर्स ने अर्थव्यवस्था के प्रमुख सेक्टर में क्रेडिट डिमांड को लेकर ऑप्टिमिज़्म में सुधार की जानकारी दी थी। इससे लेंडिंग गतिविधि के प्रति पॉजिटिव सेंटिमेंट का पता चलता है। इस तिमाही के दौरान एग्रीगेट लेवल पर लोन टर्म और शर्तों में कुछ नरमी भी देखने को मिली है।
आने वाली तिमाहियों के लिए क्रेडिट डिमांड का अनुमान
Q3FY27 के आगे देखते हुए बैंकर्स ने Q4FY27 और Q1FY28 के दौरान भी क्रेडिट डिमांड को लेकर ऑप्टिमिज़्म व्यक्त करना जारी रखा है। इससे आने वाली तिमाहियों में लगातार बॉरोइंग गतिविधि होने की उम्मीद का पता चलता है। यह सर्वे Q2FY27 के दौरान कंडक्ट किया गया था जिसमें प्रमुख शड्यूल कमर्शियल बैंकों के सीनियर लोन अधिकारियों से रिस्पॉन्स जुटाए गए थे।