Premier Energies ने आंध्र प्रदेश के नायडूपेटा में 7 GW सोलर सेल फैसिलिटी की कमीशनिंग की

Premier Energies ने आंध्र प्रदेश के नायडूपेटा में 7 GW सोलर सेल फैसिलिटी की कमीशनिंग की

Premier Energies Limited ने सोमवार, 21 September 2026 को आंध्र प्रदेश के नायडूपेटा में 7 gigawatt N-type TOPCon G12R सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की कमीशनिंग की।

इस विस्तार से कंपनी की कुल सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 10.6 gigawatts हो गई है, जिससे यह नेमप्लेट कैपेसिटी के आधार पर भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल प्रोड्यूसर बन गई है।

मैनेजमेंट ने कंफर्म किया कि नई फैसिलिटी ने आधिकारिक तौर पर ट्रायल प्रोडक्शन में प्रवेश कर लिया है।

  • Premier Energies ने 21 September 2026 को 7 gigawatt फैसिलिटी की कमीशनिंग की।
  • इस प्रोजेक्ट पर 3,293 crore rupees यानी लगभग 344 million dollars का कैपिटल एक्सपेंडिचर हुआ है।
  • यह प्रोजेक्ट तिरुपति और नेल्लोर इंडस्ट्रियल बेल्ट में 101 एकड़ में फैला हुआ है।
  • साइट के लिए टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार डिजाइन थ्रूपुट प्रति घंटे लगभग 88,000 सोलर सेल्स का है।

फैसिलिटी की टेक्निकल विशेषताएं और कैपिटल एक्सपेंडिचर

कंपनी के अनुसार यह विकास 3,293 crore rupees या लगभग 344 million dollars के कैपिटल एक्सपेंडिचर के बाद हुआ है। यह प्रोजेक्ट तिरुपति और नेल्लोर इंडस्ट्रियल बेल्ट के भीतर 101 एकड़ में फैला हुआ है।

साइट के लिए टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स से संकेत मिलता है कि डिजाइन थ्रूपुट प्रति घंटे लगभग 88,000 सोलर सेल्स का है। कंपनी को उम्मीद है कि स्टेबिलाइजेशन के बाद सेल्स लगभग 25.8 percent की औसत एफिशिएंसी हासिल करेंगे।

एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी उपायों में व्यापक वाटर रीसायकलिंग के लिए डिजाइन किया गया Zero Liquid Discharge सिस्टम शामिल है।

स्ट्रैटेजिक इंटीग्रेशन और मार्केट का प्रभाव

मैनेजिंग डायरेक्टर चिरंजीवी सलूजा ने समय पर और बजट के भीतर कमीशनिंग को एक महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन मिलिस्‍टोन बताया। The Hindu BusinessLine, Financial Express, SaurEnergy, PV Tech और PTI की रिपोर्ट्स कंफर्म करती हैं कि ये आंकड़े रेगुलेटरी फाइलिंग से मेल खाते हैं।

कंपनी ने सेल लाइन को भविष्य की प्लान्ड इंगोट और वेफर ऑपरेशंस के साथ जोड़ने के लिए यह लोकेशन चुनी।

इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत मॉड्यूल असेंबली के लिए पारंपरिक रूप से इम्पोर्टेड सेल्स पर बहुत अधिक निर्भर रहा है।

घरेलू स्तर पर N-type TOPCon सेल्स का उत्पादन करके Premier Energies Approved List of Models and Manufacturers और Domestic Content Requirement नीतियों के तहत प्रोजेक्ट्स के लिए विदेशी घटकों पर निर्भरता कम करना चाहती है।

भविष्य का कमर्शियल आउटपुट और विस्तार योजनाएं

कंपनी लगभग 12,500 crore rupees के कुल थ्री-इयर कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम को बनाए रखती है। इस रोडमैप में बैटरी स्टोरेज, इनवेस्टर्स और ट्रांसफार्मर में भविष्य का विविधीकरण शामिल है।

नायडूपेटा प्लांट के लिए भविष्य के अपग्रेड में पॉली-फिंगर मेटलाइजेशन और एडवांस्ड एज आइसोलेशन तकनीक शामिल हो सकती हैं। ट्रायल प्रोडक्शन स्टेटस फुल कमर्शियल यूटिलाइजेशन के बजाय रैंप-अप फेज की शुरुआत को चिन्हित करता है।

यील्ड रेट्स और कस्टमर क्वालिफिकेशन 7 gigawatt लाइन की वास्तविक मार्केट सक्सेस तय करेंगे। इन्वेस्टर्स इस बात पर नजर रख रहे हैं कि इसमें से कितना आउटपुट पहले से अनुबंधित है और कितना मर्चेंट सेल के लिए उपलब्ध है।

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