Paytm की भारतीय हिस्सेदारी बढ़कर 56 प्रतिशत हुई, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई अपनी हिस्सेदारी

Paytm की भारतीय हिस्सेदारी बढ़कर 56 प्रतिशत हुई, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई अपनी हिस्सेदारी

मोबाइल पेमेंट कंपनी Paytm की मूल कंपनी One 97 Communications Ltd. में भारतीय हिस्सेदारी में और वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर तिमाही यानी Q2 FY 2027 के अंत तक कंपनी में भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत से अधिक हो गई है। स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल किए गए नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार Paytm लगातार तीसरी तिमाही के लिए बहुसंख्यक भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी बनी हुई है।

कंपनी के पास अब Indian-Owned and Controlled Company यानी IOCC की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है। घरेलू संस्थागत स्वामित्व Q2 FY 2027 में बढ़कर 29.5 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछली तिमाही में 24.9 प्रतिशत था। इस बढ़ोतरी से प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी साफ दिखाई देती है।

  • Q2 FY 2027 के अंत तक Paytm में भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत से अधिक हो गई।
  • घरेलू संस्थागत स्वामित्व बढ़कर 29.5 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
  • घरेलू म्यूचुअल फंड्स की संयुक्त हिस्सेदारी बढ़कर 21.2 प्रतिशत हुई।
  • विदेशी प्रत्यक्ष निवेश यानी FDI की हिस्सेदारी घटकर 18.4 प्रतिशत रह गई।
  • Q1 FY 2027 में Paytm का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर ₹2,448 करोड़ हुआ।

घरेलू संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी

तिमाही के दौरान हुए ब्लॉक डील में मजबूत मांग देखने को मिली और इसकी आपूर्ति घरेलू म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स द्वारा पूरी की गई। प्रमुख घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने Q2 FY 2027 में अपनी संयुक्त शेयरहोल्डिंग को बढ़ाकर 21.2 प्रतिशत कर लिया, जो Q1 FY 2027 में 17.9 प्रतिशत थी। Kotak Mutual Fund ने पिछली तिमाही के 1.51 प्रतिशत से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 2.13 प्रतिशत कर ली।

तिमाही के अंत में SBI Mutual Fund (1.47 प्रतिशत), Axis Mutual Fund (1.13 प्रतिशत) और Sundaram Mutual Fund (1.05 प्रतिशत) जैसे म्यूचुअल फंड्स पहली बार 1 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों में शामिल हुए। घरेलू बीमा कंपनियों ने Q2 FY 2027 में अपनी संयुक्त हिस्सेदारी Q1 FY 2027 के 5.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.2 प्रतिशत कर ली। SBI Life Insurance ने अपनी हिस्सेदारी 1.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.74 प्रतिशत की, जबकि Tata AIA Life Insurance ने अपनी हिस्सेदारी 1.75 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 2.2 प्रतिशत कर ली।

विदेशी हिस्सेदारी में कमी और ब्लॉक डील

प्रोविडेंट और पेंशन फंड की होल्डिंग्स में भी तिमाही के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई। नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार Q2 FY 2027 में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश यानी FDI की होल्डिंग्स घटकर 18.4 प्रतिशत रह गई, जो पिछली तिमाही में 23.8 प्रतिशत थी।

जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान हुए दो बड़े ब्लॉक डील के कारण यह कमी आई। इन ब्लॉक डील में Elevation Capital से जुड़ी इकाइयों ने लगभग 2.3 प्रतिशत हिस्सेदारी ₹2,038 करोड़ में बेची और Resilient Asset Management BV ने लगभग 3 प्रतिशत हिस्सेदारी ₹2,949 करोड़ में बेची।

वित्तीय प्रदर्शन और तिमाही नतीजे

कंपनी की जानकारी के अनुसार घरेलू स्वामित्व में हुई यह वृद्धि हाल की तिमाहियों में देखे गए रुझान को आगे बढ़ाती है, जिसमें घरेलू संस्थागत निवेशकों ने Paytm में अपनी भागीदारी बढ़ाई है। Q1 FY 2027 में Paytm का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 28 प्रतिशत YoY बढ़कर ₹2,448 करोड़ हो गया। PAT यानी प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 79 प्रतिशत बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया और कंपनी ने अपना अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA ₹203 करोड़ दर्ज किया।

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