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लंबी नौकरी के बाद कंपनी से मिलने वाली ग्रेच्युटी का हिसाब बहुत सरल है। आखिरी बेसिक वेतन और नौकरी के साल भरें, रकम सामने आ जाएगी।
ग्रेच्युटी आखिरी बेसिक और महंगाई भत्ते के आधार पर निकलती है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के अंतर्गत आने वाली कंपनियों में महीने को 26 दिन का मानकर 15 दिन का वेतन हर साल के लिए गिना जाता है। जो कर्मचारी एक्ट में नहीं आते, उनके लिए महीने को 30 दिन मानकर गिना जाता है।
सूत्र: ग्रेच्युटी = आखिरी बेसिक+DA × 15 ÷ 26 × नौकरी के साल (एक्ट के अंतर्गत), या × 15 ÷ 30 (एक्ट के बाहर)।
आखिरी बेसिक+DA ₹50,000 हो और नौकरी 7 साल की हो तो एक्ट के अंतर्गत ग्रेच्युटी ₹2,01,923 बनती है, यानी हर साल की ग्रेच्युटी ₹28,846।
आम तौर पर 5 साल की लगातार नौकरी के बाद, पर मृत्यु या विकलांगता में यह शर्त नहीं है। नई श्रम संहिताओं में फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए 1 साल की शर्त बताई गई है। अपनी नौकरी के नियम की पुष्टि कर लें।
एक्ट के अंतर्गत 6 महीने या उससे ज़्यादा की अवधि को पूरा साल गिना जाता है। जैसे 7 साल 8 महीने को 8 साल गिना जाएगा।
टैक्स-छूट की सीमा और शर्तें नौकरी के प्रकार (सरकारी या निजी) पर निर्भर करती हैं। छूट से ऊपर की रकम आपकी आय में जुड़ती है।
और कैलकुलेटर
अंतिम जांच: 16 अक्टूबर 2026। दरें और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसले से पहले आधिकारिक स्रोत या अपने सलाहकार से मिलान कर लें।