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ब्याज पर ब्याज यानी चक्रवृद्धि की ताकत समझनी हो या साधारण ब्याज निकालना हो, दोनों का हिसाब यहां मिलेगा। साथ में यह भी दिखता है कि पैसा कितने साल में दोगुना होगा।
साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर बनता है। चक्रवृद्धि में हर बार जुड़ा ब्याज भी मूलधन का हिस्सा बन जाता है, इसलिए समय के साथ रकम तेज़ी से बढ़ती है। ब्याज जितनी बार जुड़ता है, नतीजा उतना थोड़ा ज़्यादा होता है।
सूत्र: चक्रवृद्धि: रकम = P × (1 + r ÷ n)^(n × t)। साधारण: ब्याज = P × r × t ÷ 100।
₹1 लाख 8% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज पर 10 साल रखने पर रकम ₹2,15,892 हो जाती है, यानी ब्याज ₹1,15,892। यहां पैसा लगभग 9 साल में दोगुना होता है।
साधारण ब्याज हर साल मूलधन पर ही बनता है, जबकि चक्रवृद्धि में पिछले ब्याज पर भी ब्याज लगता है। लंबी अवधि में चक्रवृद्धि कहीं ज़्यादा रकम देती है।
72 को सालाना ब्याज दर से भाग देने पर मोटे तौर पर पता चलता है कि पैसा कितने साल में दोगुना होगा। जैसे 8% पर 72 ÷ 8 = 9 साल।
जितनी बार ब्याज जुड़ता है, कुल रकम थोड़ी ज़्यादा बनती है। मासिक चक्रवृद्धि में सालाना की तुलना में रकम थोड़ी ऊपर आती है।
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अंतिम जांच: 16 अक्टूबर 2026। दरें और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसले से पहले आधिकारिक स्रोत या अपने सलाहकार से मिलान कर लें।