NSE IPO: बड़े संस्थागत निवेशकों ने OFS में हिस्सेदारी बेचने के बाद भी NSE में बनाए रखी मजबूत पकड़

मुंबई, 22 सितंबर। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बड़े संस्थागत शेयरधारकों ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO में भाग लेने के बावजूद इस प्रक्रिया में निवेश बनाए रखा है। एक्सचेंज के कई सबसे बड़े निवेशकों ने ऑफर फॉर सेल यानी OFS के माध्यम से अपनी होल्डिंग का केवल एक छोटा सा हिस्सा बेचा है।
पूरी तरह से OFS पर आधारित NSE का IPO सोमवार को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो गया। बिकवाली करने वाले शेयरधारकों के डेटा से पता चलता है कि उन्होंने OFS से पहले NSE में सामूहिक रूप से 36.82 प्रतिशत हिस्सेदारी रखी थी और एक्सचेंज की इक्विटी के 5.11 प्रतिशत के बराबर शेयर टेंडर किए हैं। इसके बाद उनके पास ऑफरिंग के बाद संयुक्त रूप से 31.71 प्रतिशत हिस्सेदारी बची है।
- बिकवाली करने वाले शेयरधारकों में नौ विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs और 11 घरेलू संस्थान शामिल हैं।
- नौ विदेशी निवेशकों के पास IPO से पहले सामूहिक रूप से 15.96 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
- 10 सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं और ICICI Lombard जनरल इंश्योरेंस वाले घरेलू संस्थानों के पास 20.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
- डेटा से संकेत मिलता है कि NSE के कुछ सबसे बड़े संस्थागत शेयरधारकों ने IPO के माध्यम से अपनी होल्डिंग के एक हिस्से का मुद्रीकरण करने के बाद भी एक्सचेंज के प्रति अपने अधिकांश एक्सपोजर को बनाए रखने का विकल्प चुना है।
- बिकवाली करने वाले बड़े संस्थागत शेयरधारकों ने औसतन अपनी होल्डिंग में केवल लगभग 7 प्रतिशत की कमी की है।
विदेशी और घरेलू निवेशकों का डेटा
Aranda Investment (Mauritius) Pte Ltd के पास OFS से पहले NSE में 4.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी और उसने NSE की इक्विटी के 0.45 प्रतिशत यानी अपनी होल्डिंग का लगभग 10 प्रतिशत शेयर ऑफर किए हैं। OFS के बाद इसकी हिस्सेदारी 4.09 प्रतिशत रह जाएगी। Stock Holding Corporation of India के पास 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी थी और इसने अपनी होल्डिंग का लगभग 6 प्रतिशत टेंडर किया है, जिससे इसकी हिस्सेदारी 0.25 प्रतिशत अंक घटकर 4.19 प्रतिशत रह गई है।
SBI Capital Markets ने अपनी 4.33 प्रतिशत प्री-OFS होल्डिंग का लगभग 8 प्रतिशत ऑफर किया है और यह 3.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगी। Mahagony Limited के पास OFS से पहले 3.73 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, इसने अपनी होल्डिंग का लगभग 3 प्रतिशत ऑफर किया है और यह 3.61 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगी।
अन्य प्रमुख शेयरधारकों की हिस्सेदारी
एक अन्य बड़े घरेलू शेयरधारक State Bank of India यानी SBI ने अपनी प्री-OFS होल्डिंग का लगभग 20 प्रतिशत टेंडर किया है। इसकी हिस्सेदारी 3.23 प्रतिशत से घटकर 2.58 प्रतिशत होने वाली है। अन्य विदेशी निवेशकों में Crown Capital Limited ने अपनी होल्डिंग का लगभग 11 प्रतिशत ऑफर किया है, जिससे इसकी हिस्सेदारी 2.07 प्रतिशत से घटकर 1.83 प्रतिशत रह गई है।
TA Asia Pacific Acquisitions Limited ने अपनी होल्डिंग का लगभग 6 प्रतिशत टेंडर किया है और OFS से पहले की 1.38 प्रतिशत की तुलना में 1.30 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगी। हालांकि शेयरधारकों के बीच हिस्सेदारी में कमी की सीमा अलग-अलग है। Canada Pension Plan Investment Board ने अपनी होल्डिंग का लगभग 30 प्रतिशत टेंडर किया है, जिससे इसकी हिस्सेदारी 1.60 प्रतिशत से घटकर 1.12 प्रतिशत रह गई है, जबकि MS Strategic (Mauritius) Limited ने अपनी होल्डिंग का लगभग 37 प्रतिशत ऑफर किया है, जिससे इसकी हिस्सेदारी 1.20 प्रतिशत से घटकर 0.76 प्रतिशत रह गई है।
घरेलू संस्थानों की बिकवाली का विवरण
घरेलू संस्थानों में General Insurance Corporation of India ने अपनी होल्डिंग का लगभग 15 प्रतिशत ऑफर किया है, जबकि National Insurance Company और Oriental Insurance Company ने क्रमशः लगभग 11 प्रतिशत और 14 प्रतिशत टेंडर किया है। New India Assurance Company ने अपनी होल्डिंग का लगभग 30 प्रतिशत ऑफर किया है।
Bank of Baroda और United India Insurance Company उन कंपनियों में शामिल हैं जो अपनी होल्डिंग का अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा बेच रही हैं, जिन्होंने क्रमशः लगभग 35 प्रतिशत और 31 प्रतिशत टेंडर किया है। पोस्ट-OFS उनकी हिस्सेदारी 0.58 प्रतिशत और 0.54 प्रतिशत रहेगी। समग्र शेयरधारिता डेटा से यह सुझाव मिलता है कि संस्थागत निवेशक अपनी लंबे समय से चली आ रही हिस्सेदारी का आंशिक रूप से मुद्रीकरण करने के लिए NSE IPO का उपयोग कर रहे हैं, वहीं एक्सचेंज के कई सबसे बड़े शेयरधारक ऑफरिंग के बाद अपने निवेश का अधिकांश हिस्सा अपने पास रख रहे हैं।