NMDC का सितंबर 2026 तक आयरन ओर प्रोडक्शन 23 प्रतिशत बढ़कर 27.27 MT हुआ, सेल्स स्थिर

एनएमडीसी लिमिटेड ने सितंबर 2026 तक के अपने संचयी आयरन ओर प्रोडक्शन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी का संचयी आयरन ओर प्रोडक्शन 22.8 प्रतिशत बढ़कर 27.27 मिलियन टन हो गया है। यह जानकारी गुरुवार को एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से सामने आई है।
पिछले साल की समान अवधि में यह प्रोडक्शन 22.20 मिलियन टन था। इस अवधि में संचयी सेल्स बिना किसी बदलाव के 22.23 मिलियन टन पर स्थिर रही। प्रोडक्शन और सेल्स के बीच का यह अंतर काफी बड़ा है क्योंकि इस दौरान कंपनी की उत्पादन वृद्धि डिस्पैच से काफी आगे निकल गई है।
- सितंबर 2026 तक एनएमडीसी का संचयी प्रोडक्शन 27.27 मिलियन टन दर्ज किया गया।
- पिछले साल की समान अवधि में यह प्रोडक्शन 22.20 मिलियन टन था।
- संचयी सेल्स 22.23 मिलियन टन पर पिछले साल के समान स्तर पर बनी रही।
- सितंबर महीने में कुल प्रोडक्शन 4.04 मिलियन टन दर्ज किया गया।
- सितंबर महीने की सेल्स 3.51 मिलियन टन रही जिसमें 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई।
सितंबर महीने के प्रोडक्शन और सेल्स के आंकड़े
केवल सितंबर महीने की बात करें तो एनएमडीसी ने 4.04 मिलियन टन आयरन ओर का प्रोडक्शन किया। सितंबर 2025 में यह प्रोडक्शन 3.75 मिलियन टन था जिसमें करीब 7.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
हालांकि मासिक सेल्स में गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर महीने में मंथली सेल्स करीब 9.5 प्रतिशत घटकर 3.51 मिलियन टन पर आ गई। एक साल पहले इसी महीने में सेल्स 3.88 मिलियन टन थी।
छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के क्षेत्रीय आंकड़े
कंपनी के छत्तीसगढ़ ऑपरेशंस से सबसे ज्यादा संचयी आउटपुट आया है। सितंबर तक राज्य से प्रोडक्शन बढ़कर 18.92 मिलियन टन हो गया जो पिछले साल 14.78 मिलियन टन था। छत्तीसगढ़ से सेल्स भी 15.13 मिलियन टन से बढ़कर 16.42 मिलियन टन हो गई।
कर्नाटक राज्य में संचयी प्रोडक्शन 7.42 मिलियन टन से बढ़कर 8.35 मिलियन टन हो गया। हालांकि कर्नाटक में सेल्स इसी अवधि के दौरान 7.10 मिलियन टन से घटकर 5.81 मिलियन टन रह गई। सितंबर के महीने में छत्तीसगढ़ ने 2.50 मिलियन टन का प्रोडक्शन किया जबकि एक साल पहले यह 2.49 मिलियन टन था। कर्नाटक का प्रोडक्शन सितंबर में 1.26 मिलियन टन से बढ़कर 1.54 मिलियन टन हो गया।
SEBI नियमों के तहत दी गई जानकारी
एनएमडीसी ने सेबी लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स रेगुलेशंस के रेगुलेशन 30 के तहत प्रोविजनल प्रोडक्शन और सेल्स के आंकड़े डिस्क्लोज किए हैं। नवीनतम आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी ने इस साल अब तक प्रोडक्शन में काफी विस्तार किया है। हालांकि सेल्स की रफ्तार अभी तक आउटपुट में हुई बढ़ोतरी के मुकाबले आगे नहीं बढ़ पाई है।