2HFY27 से बैंकों के लिए NIM आउटलुक पॉजिटिव, आनंद राठी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

2HFY27 से बैंकों के लिए NIM आउटलुक पॉजिटिव, आनंद राठी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

आनंद राठी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय बैंकों के प्रमुख प्रॉफिटेबिलिटी ड्राइवर्स में मजबूती बनी हुई है। यह मजबूती मजबूत लेंडिंग मोमेंटम, डिपॉजिट ट्रैक्शन और स्थिर बैलेंस शीट के कारण है। 1QFY27 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM क्रमिक रूप से लगभग 3.2 प्रतिशत पर रहा क्योंकि लोन यील्ड और फंडिंग कॉस्ट स्थिर हो गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक 2QFY27 में FCNR डिपॉजिट डायनेमिक्स के कारण मार्जिन पर थोड़ा दबाव आ सकता है। हालांकि पॉलिसी रेट हाइक की उम्मीदों के कारण 2HFY27 से NIM में विस्तार की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक मैक्रो हेडविंड्स के बावजूद एसेट क्वालिटी सभी सेगमेंट में बेनाइन बनी हुई है।

  • 1QFY27 में NIM क्रमिक रूप से लगभग 3.2% पर रहा।
  • सेक्टर क्रेडिट ग्रोथ लगातार 18 से 20 प्रतिशत की रेंज में है।
  • रिकॉर्ड FCNR इनफ्लो ने डिपॉजिट में लगभग 17.3 प्रतिशत की ग्रोथ में मदद की है।
  • ग्रॉस स्लिपेज लगभग 0.99 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है।
  • पब्लिक सेक्टर बैंक लगभग 18.4 प्रतिशत की गति से विस्तार कर रहे हैं।

क्रेडिट ग्रोथ और डिपॉजिट में बढ़ोतरी के आंकड़े

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार सेक्टर क्रेडिट ग्रोथ लगातार 18 से 20 प्रतिशत की रेंज में है। रिकॉर्ड FCNR इनफ्लो की वजह से डिपॉजिट में लगभग 17.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है। NIM बॉटमिंग आउट हो रहा है और 25 से 50 bps रेट हाइक की उच्च संभावना के कारण NIM आउटलुक में सुधार हो रहा है।

भारतीय बैंकिंग सेक्टर के FY27-28E में लगभग 75 प्रतिशत के प्रोविजन कवरेज रेश्यो यानी PCR के साथ अपनी ग्रोथ बनाए रखने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सेक्टर संभावित मार्केट डिसरप्शन के खिलाफ महत्वपूर्ण लचीलापन रखता है। लगभग 76 प्रतिशत की हाई प्रोविजनिंग कवरेज और कैपिटल Adequacy का मतलब है कि सेक्टर किसी भी अनसीन एसेट क्वालिटी झटकों को सोखने के लिए अतीत के किसी भी समय से बेहतर स्थिति में है।

लेंडिंग और पब्लिक सेक्टर बैंकों का प्रदर्शन

2QFY27 के दौरान साल-दर-साल क्रेडिट एक्सपेंशन 18 से 20 प्रतिशत के बैंड में है जो एक साल पहले दर्ज 10 से 11 प्रतिशत की दर से काफी अधिक है। इंडस्ट्रियल क्रेडिट लगभग 18.2 प्रतिशत और गोल्ड फाइनेंसिंग द्वारा संचालित होकर विभिन्न सेक्टरों में ग्रोथ जारी है। पब्लिक सेक्टर बैंक लगभग 18.4 प्रतिशत की दर से विस्तार कर रहे हैं। पब्लिक सेक्टर बैंक प्राइवेट उधारकर्ताओं से आगे निकल रहे हैं और लगातार आठवीं तिमाही में रिटेल मार्केट शेयर हासिल कर रहे हैं जबकि प्राइवेट लेंडर लगभग 16.8 प्रतिशत पर हैं।

FCNR इनफ्लो के कारण डिपॉजिट ग्रोथ जून 2026 के लगभग 13.3 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2026 में 17.3 प्रतिशत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार मीडियम टर्म में सिस्टम-लेवल क्रेडिट ग्रोथ 15 से 16 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उच्च तरलता और कॉर्पोरेट क्रेडिट डिमांड के कारण राज्य संचालित बैंकों के प्राइवेट साथियों से मेल खाने या उन्हें पार करने की स्थिति में होने की उम्मीद है।

एसेट क्वालिटी और प्रमुख जोखिम

एसेट क्वालिटी इंडिकेटर स्थिर बने हुए हैं जिनमें ग्रॉस स्लिपेज लगभग 0.99 प्रतिशत है जो साल-दर-साल लगभग 39 बेसिस पॉइंट का सुधार है। पब्लिक सेक्टर बैंक 0.8 प्रतिशत से नीचे के मेट्रिक्स की रिपोर्ट कर रहे हैं। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि एआई से संबंधित जॉब लॉस के कारण प्राइम रिटेल में और एल नीनो तथा हाई इन्फ्लेशन के प्रभाव के कारण सबप्राइम रिटेल या एमएसएमई में कोई भी महत्वपूर्ण एसेट क्वालिटी दबाव हमारे पॉजिटिव रुख के लिए मुख्य जोखिम बना हुआ है।

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