Jefferies रिपोर्ट के अनुसार NBFCs में लोन डिमांड और एसेट क्वालिटी मजबूत

Jefferies रिपोर्ट के अनुसार NBFCs में लोन डिमांड और एसेट क्वालिटी मजबूत

नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों यानी NBFCs को सितंबर क्वार्टर में अब तक मजबूत लोन डिमांड और resilient एसेट क्वालिटी देखने को मिल रही है। हालांकि, interest rates में संभावित वृद्धि से उनके funding costs बढ़ सकते हैं, यह जानकारी Jefferies की एक रिपोर्ट में सामने आई है। यह रिपोर्ट Jefferies इंडिया फोरम 2026 में नौ NBFCs के साथ हुई चर्चाओं पर आधारित है और इसमें बताया गया है कि प्रमुख lending segments में demand मजबूत बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस सेक्टर में मजबूत 2Q ग्रोथ और एसेट क्वालिटी ट्रेंड्स देखे गए हैं और अधिकांश NBFCs ने seasonally कमजोर रहने वाले सितंबर क्वार्टर के दौरान भी स्थिर एसेट क्वालिटी की रिपोर्ट दी है। Jefferies ने यह भी नोट किया है कि आने वाले क्वार्टर्स में credit costs सकारात्मक रूप से चौंका सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी उम्मीद जताई गई है कि अधिकांश NBFCs FY27 में अपने net interest margins को range-bound बनाए रखेंगे।

  • Jefferies इंडिया फोरम 2026 में नौ NBFCs के साथ चर्चा के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।
  • Shriram Finance ने FY27 में assets under management में लगभग 17 प्रतिशत और FY28-29 में 18 से 20 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद जताई है।
  • Aditya Birla Capital ने FY26-29 के दौरान 25 प्रतिशत annualised growth rate की उम्मीद जताई है।
  • Shriram Finance ने अगले दो से तीन वर्षों के लिए 2 प्रतिशत की credit-cost guidance दोहराई है।
  • Aditya Birla Capital ने अपनी guidance को 1 से 1.1 प्रतिशत पर बनाए रखा है।

मजबूत लोन डिमांड और फेस्टिव सीजन के रुझान

प्रमुख lending segments में demand मजबूत बनी हुई है और शुरुआती फेस्टिव सीजन के रुझान भी उत्साहजनक हैं। हालांकि, प्रमुख त्योहारों की टाइमिंग सितंबर क्वार्टर के ट्रेंड्स को प्रभावित कर सकती है। अधिकांश NBFCs का मानना है कि near term में NIMs range-bound रहेंगे।

बढ़ते rates funding costs को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कंपनियां इस प्रभाव को कम करने के लिए loan repricing और अपने lending mix में बदलाव का उपयोग कर सकती हैं। lending growth का outlook मजबूत बना हुआ है और फोरम में individual lenders ने vehicle finance, consumer lending, MSME loans और अन्य segments में निरंतर विस्तार के संकेत दिए हैं।

इंडिविजुअल लेंडर ग्रोथ और एसेट क्वालिटी

Shriram Finance को उम्मीद है कि FY27 में उसके assets under management में लगभग 17 प्रतिशत की ग्रोथ होगी और FY28-29 में यह 18-20 प्रतिशत होगी। Aditya Birla Capital को FY26-29 के दौरान 25 प्रतिशत annualised growth rate की उम्मीद है। अधिकांश segments में एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है।

Shriram Finance ने अगले दो से तीन वर्षों के लिए 2 प्रतिशत की credit-cost guidance को दोहराया है। Aditya Birla Capital ने अपनी guidance को 1 से 1.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। Jefferies का कहना है कि यदि मौजूदा एसेट क्वालिटी ट्रेंड्स जारी रहते हैं, तो पूरे सेक्टर में credit costs नियंत्रित रह सकते हैं।

फंडिंग कॉस्ट और फ्लोटिंग-रेट लोन का असर

बढ़े हुए rates का प्रभाव अलग-अलग लेंडर पर अलग हो सकता है। Jefferies ने नोट किया है कि कुछ लेंडर्स के पास floating-rate loans का एक बड़ा हिस्सा है, जिन्हें funding costs के प्रभाव को कम करने के लिए repriced किया जा सकता है। शुरुआती फेस्टिव डिमांड मजबूत रही है, हालांकि त्योहारों की टाइमिंग सितंबर क्वार्टर के नंबर्स को प्रभावित कर सकती है।

सतत credit demand, स्थिर एसेट क्वालिटी और संभावित rate changes का संयोजन आने वाले क्वार्टर्स में NBFC performance के लिए महत्वपूर्ण बना रहने की संभावना है।

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