लार्ज आईटी कंपनियों का दूसरा क्वार्टर रह सकता है सॉफ्ट, मिड-कैप फर्म्स कर सकती हैं बेहतर प्रदर्शन

लार्ज आईटी कंपनियों का दूसरा क्वार्टर रह सकता है सॉफ्ट, मिड-कैप फर्म्स कर सकती हैं बेहतर प्रदर्शन

देश की बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनियों का दूसरा क्वार्टर सॉफ्ट रहने की संभावना है, जबकि चुनिंदा मिड-कैप फर्में अपने बड़े साथियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। यह जानकारी एमके की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल मैक्रोइकोनॉमिक एनवायरनमेंट में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और सुधार या गिरावट के संकेत सीमित हैं।

आर्थिक अनिश्चितता के कारण क्लाइंट्स टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग को लेकर सतर्क बने हुए हैं, जिससे डिस्क्रिटनरी स्पेंडिंग दबाव में है। एमके की रिपोर्ट नई दिल्ली से 1 अक्टूबर को जारी की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार आईटी सर्विसेज सेक्टर में कमर्शियल अरेंजमेंट्स में भी बदलाव देखे जा रहे हैं।

  • लार्ज आईटी कंपनियों का दूसरा क्वार्टर सॉफ्ट रहने की संभावना है।
  • टियर-1 आईटी कंपनियों की कांस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ -1.0 प्रतिशत से 3.1 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।
  • टियर-2 कंपनियों की ग्रोथ 0.5 प्रतिशत से 8.0 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
  • क्रॉस-करेंसी हेडविंड्स टियर-1 कंपनियों की रिपोर्टेड यूएस डॉलर रेवेन्यू ग्रोथ को 10-20 बेसिस पॉइंट्स तक कम कर सकते हैं।
  • निफ्टी आईटी इंडेक्स ने पिछले एक महीने में व्यापक बाजार से 5.6 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में 6.5 प्रतिशत कम प्रदर्शन किया है।

डिस्क्रिटनरी स्पेंडिंग और एआई का प्रभाव

रिपोर्ट में बताया गया है कि डिस्क्रिटनरी स्पेंडिंग अभी भी सीमित है और मैक्रो अनिश्चितता के बीच क्लाइंट्स ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है। क्लाइंट्स एआई-फोकस्ड एफिशिएंसी, वेंडर कंसोलिडेशन और कॉस्ट रिडक्शन पर ध्यान दे रहे हैं। एमके का अनुमान है कि क्रॉस-करेंसी मूमेंट्स का दूसरी तिमाही में रिपोर्टेड यूएस डॉलर रेवेन्यू ग्रोथ पर सीमित असर पड़ेगा।

धीमी ग्रोथ, कमजोर डिस्क्रिटनरी डिमांड और पारंपरिक आईटी सर्विसेज पर एआई के प्रभाव को लेकर चिंताओं के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स ने कम प्रदर्शन किया है। हालांकि, भारतीय रुपए के मूल्यह्रास से इन चिंताओं को आंशिक रूप से राहत मिली है।

निवेशकों की नजर और भविष्य के संकेत

निवेशक FY27 रेवेन्यू और मार्जिन गाइडेंस, क्लाइंट फर्लोस, डिस्क्रिटनरी स्पेंडिंग में रिकवरी और आईटी सर्विसेज पर एआई के प्रभाव पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर करीब से नजर रखेंगे। एआई पर खर्च नए टेक्नोलॉजी बजट बना रहा है या मौजूदा आईटी खर्च को ट्रांसफर कर रहा है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

प्राइसिंग और कमर्शियल मॉडल्स में बदलाव, हायरिंग प्लांस और आईटी कंपनियों द्वारा अपेक्षित स्किल्स प्रमुख क्षेत्र बने रहेंगे। विभिन्न बिजनेस फंक्शंस में एआई-बेस्ड सॉल्यूशंस को अपनाने और तैनात करने की एंटरप्राइजेज की क्षमता आईटी सर्विसेज सेक्टर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कुल मिलाकर, एमके का मानना है कि निकट भविष्य का माहौल बड़ी आईटी कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा, जबकि चुनिंदा मिड-कैप फर्म्स मजबूत ग्रोथ देख सकती हैं।

Share:

Comments

Leave a comment