Jio Platforms लाएगी 6G सर्विस, IPO के जरिए जुटाएगी ₹30,213 करोड़, जानिए डिटेल्स

जिओ प्लेटफॉर्म्स ने अपने ग्रोथ स्ट्रैटेजी के तहत 6G कनेक्टिविटी को अपना अगला मुख्य उद्देश्य बनाया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को IPO से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि की है।
जिओ 6G सेवाओं का कमर्शियल रोलआउट शुरुआती 2030 के दशक में करने का लक्ष्य रख रही है। यह ऑफरिंग सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुलेगी।
- जिओ प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुलेगा।
- इस IPO के जरिए लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाए जाएंगे।
- इक्विटी शेयर के लिए प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है।
- एंकर निवेशक की बिडिंग 19 अक्टूबर 2026 को होगी।
- जिओ के इंजीनियरिंग टीम द्वारा 7,220 पेटेंट फाइल किए गए हैं।
6G रोलआउट और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना
जिओ मौजूदा नेटवर्क फाउंडेशन का उपयोग करके सॉफ्टवेयर-अपग्रेड मॉडल के माध्यम से 6G तैनात करने की योजना बना रही है। इस नेटवर्क फाउंडेशन में 360,000 से अधिक टावर और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर ऑप्टिक केबल शामिल हैं।
आकाश अंबानी ने प्रोपराइटरी कोर टेक्नोलॉजी स्टैक पर निर्भर रहने वाली केपेस-लाइट स्ट्रैटेजी पर जोर दिया है। इसके जरिए जिओ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मैनेज्ड सर्विस प्रोवाइडर के रूप में प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में आ जाएगी।
IPO और भारत की 6G महत्वाकांक्षाएं
जिओ की लंबी अवधि की नवाचार पर फोकस करने की रणनीति इसके आगामी IPO के साथ मेल खाती है। यह ऑफरिंग ₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है जिसका प्राइस बैंड ₹1,065 और ₹1,119 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है।
भारत की व्यापक 6G महत्वाकांक्षाएं भारत 6G अलायंस के माध्यम से समन्वित की जाती हैं। यह वैश्विक 6G बौद्धिक संपदा अधिकारों का 10 प्रतिशत सुरक्षित करना चाहता है।