चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारतीय कंपनियों ने IPO के जरिए जुटाए रिकॉर्ड 94,205 करोड़ रुपए

भारतीय कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में मेन बोर्ड इनिशियल पब्लिक आफरिंग्स ( IPO ) के माध्यम से रिकॉर्ड Rs 94,205 crore जुटाए हैं। PRIME Database की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में 145 कंपनियों के पास रेगुलेटरी अप्रूवल है और वे करीब Rs 2.78 lakh crore के इश्यू लॉन्च करने की प्रतीक्षा कर रही हैं।
यह रिकॉर्ड IPO मोबिलाइजेशन पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के मुकाबले 35 प्रतिशत अधिक है, जब 65 IPO के जरिए Rs 69,533 crore जुटाए गए थे। PRIME Database ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव हल्दिया के अनुसार, साल की धीमी शुरुआत और वोलेटाइल सेकेंडरी मार्केट के बावजूद यह फंडरेसिंग दर्ज की गई है।
- वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में IPO के जरिए Rs 94,205 crore जुटाए गए।
- SEBI का अप्रूवल पा चुकी 145 कंपनियां करीब Rs 2.78 lakh crore के इश्यू लॉन्च करने की राह देख रही हैं।
- लगभग Rs 1.87 lakh crore जुटाने का प्रस्ताव रखने वाली 102 कंपनियां SEBI अप्रूवल का इंतजार कर रही हैं।
- 64 में से 42 IPO यानी 66 प्रतिशत को 10 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।
- 64 लिस्टेड IPO का औसत लिस्टिंग गेन बढ़कर 19 प्रतिशत हो गया है।
पाइपलाइन में हैं ढेरों इश्यू और SEBI अप्रूवल का इंतजार
पाइपलाइन अभी भी काफी बड़ी बनी हुई है, जिसमें 145 कंपनियां शामिल हैं जिन्हें Securities and Exchange Board of India ( SEBI ) से अप्रूवल मिल चुका है। ये कंपनियां करीब Rs 2.78 lakh crore मूल्य के इश्यू लॉन्च करने की प्रतीक्षा में हैं। इसके अलावा 102 अन्य कंपनियां हैं जो करीब Rs 1.87 lakh crore जुटाने का प्रस्ताव रखती हैं और वे SEBI के अप्रूवल का इंतजार कर रही हैं।
रिपोर्ट रिलीज के अनुसार, जैसे-जैसे अप्रूवल की मियाद समाप्त होने लगेगी और घरेलू तथा विदेशी निवेशकों से डिमांड बनी रहेगी, साल के बचे हुए हिस्से में कई और इश्यू आने की उम्मीद है। रिलीज में कहा गया है कि मार्केट में वोलेटिलिटी के बावजूद साल के शेष भाग में कई और इश्यू देखने को मिल सकते हैं।
मजबूत हुआ निवेशकों का पार्टिसिपेशन और औसत लिस्टिंग गेन
पहली छमाही के दौरान निवेशकों की भागीदारी में भी तेजी आई है। जिन 64 IPO के रिस्पॉन्स डेटा उपलब्ध थे, उनमें से 42 यानी 66 प्रतिशत को 10 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। प्रति IPO औसत रिटेल एप्लीकेशन बढ़कर 17.71 लाख हो गई, जो एक साल पहले 12.69 लाख थी।
प्रति IPO औसत रिटेल ओवरसब्सक्रिप्शन 23 गुना से बढ़कर 29 गुना हो गया। लिस्टिंग परफॉर्मेंस ने भी निवेशकों के इंटरेस्ट को सपोर्ट किया, जिससे 64 लिस्टेड IPO का औसत लिस्टिंग गेन पिछले साल की समान अवधि के 7 प्रतिशत से बढ़कर 19 प्रतिशत हो गया।
29 सितंबर तक के डेटा के मुताबिक, 64 में से 46 IPO यानी 72 प्रतिशत अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहे थे।
ओवरऑल पब्लिक इक्विटी फंडरेसिंग और सबसे बड़े IPO
ऑफर फॉर सेल और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स में तेज बढ़ोतरी के समर्थन से ओवरऑल पब्लिक इक्विटी फंडरेसिंग 75 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड Rs 2.43 lakh crore पर पहुंच गई। कुल इक्विटी मोबिलाइजेशन में फ्रेश कैपिटल की हिस्सेदारी Rs 1.14 lakh crore यानी 47 प्रतिशत रही।
- NSE का IPO: Rs 22,563 crore
- SBI Funds Management का IPO: Rs 9,795 crore
- Manipal Health Enterprises का IPO: Rs 9,275 crore