भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2035 तक USD 200 अरब पहुंचने का अनुमान, EY-IESA रिपोर्ट में हुआ खुलासा

भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2035 तक USD 200 अरब पहुंचने का अनुमान, EY-IESA रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली में 19 सितंबर को EY और India Electronics and Semiconductor Association यानी IESA की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 में लगभग USD 64 अरब से बढ़कर 2035 तक USD 200 अरब पहुंचने का अनुमान है। देश अब केवल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बनाने से आगे बढ़कर एक इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2021 में लगभग USD 27 अरब से बढ़कर 2026 में लगभग USD 64 अरब हो गया है। ग्लोबल सप्लाई-चेन रीअलाइनमेंट और AI, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग के कारण भारत के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर पैदा हो रहा है।

  • भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2035 तक USD 200 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।
  • मार्केट 2021 के लगभग USD 27 अरब से बढ़कर 2026 में लगभग USD 64 अरब हो गया है।
  • India Semiconductor Mission 1.0 के तहत Rs 76,000 करोड़ का outlay तय किया गया है।
  • ISM 1.0 के अंतर्गत 12 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं।
  • Semicon India 2.0 जुलाई 2026 में Rs 1,27,500 करोड़ के एनहांस्ड outlay के साथ लॉन्च किया गया है।

भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और प्रोजेक्ट्स की स्थिति

India Semiconductor Mission (ISM) 1.0 को Rs 76,000 करोड़ के outlay के साथ लॉन्च किया गया था। इसके परिणामस्वरूप 12 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनमें लगभग Rs 1.64 लाख करोड़ का कुल निवेश शामिल है।

इन प्रोजेक्ट्स में एक सिलिकॉन fab, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर fabs और नौ पैकेजिंग फैसिलिटीज शामिल हैं। इस प्रोग्राम के कारण 23 चिप tape-outs हुए हैं, जबकि रिपोर्ट के अनुसार तीन सेमीकंडक्टर यूनिट्स ने प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। भारत अब ग्लोबल सेमीकंडक्टर डिजाइन टैलेंट पूल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जिससे डिजाइन सेगमेंट में उसकी स्थिति मजबूत हुई है।

Semicon India 2.0 और सरकार की नई पहल

इस नींव पर आगे बढ़ते हुए सरकार ने जुलाई 2026 में Rs 1,27,500 करोड़ के एनहांस्ड outlay के साथ Semicon India 2.0 लॉन्च किया। दूसरा चरण डिजाइन, सेमीकंडक्टर मटेरियल्स और इक्विपमेंट, फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, और टैलेंट क्रिएशन को कवर करने वाले छह-पिलर दृष्टिकोण को अपनाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि Semicon 2.0 का उद्देश्य फैब्स और पैकेजिंग से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर-ग्रेड मटेरियल्स, स्पेशलिटी केमिकल्स, गैसों, सबस्ट्रेट्स, इक्विपमेंट, टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजाइन कमर्शियलाइजेशन जैसे क्षेत्रों तक समर्थन का विस्तार करना है। यह R&D और टैलेंट डेवलपमेंट के लिए भी सहायता प्रदान करता है।

सेमीकंडक्टर यात्रा की अगली प्राथमिकताएं

रिपोर्ट के अनुसार भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का अगला चरण पॉलिसी मोमेंटम को इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम क्षमताओं में बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगा। इसमें एग्जीक्यूशन, इनोवेशन, लोकलाइजेशन और कैपेबिलिटी डेवलपमेंट प्रमुख प्राथमिकताएं बनकर उभर रही हैं।

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