भारत के रियल एस्टेट मार्केट में दोहरी गति, कमर्शियल सेक्टर में मजबूत डिमांड लेकिन रेजिडेंशियल मार्केट में बढ़ी अनसोल्ड इन्वेंट्री

भारत के रियल एस्टेट मार्केट में दोहरी गति, कमर्शियल सेक्टर में मजबूत डिमांड लेकिन रेजिडेंशियल मार्केट में बढ़ी अनसोल्ड इन्वेंट्री

भारत का रियल एस्टेट मार्केट इन दिनों दोहरी गति के ट्रेंड को दिखा रहा है। इक्विरस की ओर से जारी रियल एस्टेट ट्रैकर - सितंबर 2026 रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस और लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में मजबूत डिमांड दर्ज की गई है। इसके उलट, रेजिडेंशियल मार्केट में अनसोल्ड इन्वेंट्री में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यह रिपोर्ट नई दिल्ली में 4 अक्टूबर को सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, टॉप सात शहरों में नेट ऑफिस अब्जॉर्प्शन 2026 की पहली छमाही में 27.4 मिलियन वर्ग फीट रहा है। यह साल-दर-साल आधार पर 2 प्रतिशत अधिक है। इसके मुकाबले, ऑफिस कंप्लीशंस 10 प्रतिशत घटकर 22.2 मिलियन वर्ग फीट पर आ गईं। ऑफिस वैकेंसी घटकर 15 प्रतिशत के मल्टी-यर लो पर पहुंच गई है।

  • 2026 की पहली छमाही में टॉप सात शहरों में नेट ऑफिस अब्जॉर्प्शन 27.4 मिलियन वर्ग फीट दर्ज किया गया।
  • जीसीसी लीजिंग 22 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 19.2 मिलियन वर्ग फीट पर पहुंच गई।
  • फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने H1 2026 में 191,306 सीटें लीज पर लीं जो साल-दर-साल 68.4 प्रतिशत अधिक हैं।
  • आठ प्रमुख बाजारों में अनसोल्ड रेजिडेंशियल इन्वेंट्री H1 2026 में 4 प्रतिशत बढ़कर 525,695 यूनिट हो गई।
  • लिस्टेड REITs ने Q1 FY27 में 3,136 करोड़ रुपये बांटे जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,559 करोड़ रुपये थे।

कमर्शियल और ऑफिस स्पेस में मजबूत डिमांड

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी की मांग इस दौर में एक मुख्य ड्राइवर बनी रही है। जीसीसी लीजिंग 22 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 19.2 मिलियन वर्ग फीट हो गई और इस अवधि के दौरान कुल ग्रॉस ऑफिस लीजिंग में इसकी हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही।

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेगमेंट में भी तेज विस्तार दर्ज किया गया है। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने H1 2026 में 191,306 सीटें लीज पर लीं। यह आंकड़ा साल-दर-साल 68.4 प्रतिशत अधिक है और इस अवधि के दौरान कुल ऑफिस लीजिंग का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा रहा, जबकि एक साल पहले यह 13 प्रतिशत था। रिपोर्ट के अनुसार, 8 प्रमुख शहरों में फ्लेक्स ट्रांजैक्शन 2017 के 2.2 मिलियन वर्ग फीट से 8.4 गुना बढ़कर 2025 में 18.6 मिलियन वर्ग फीट हो गए।

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेगमेंट का हाल

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेगमेंट भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है। H1 2026 में टॉप आठ शहरों में लीजिंग 18 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 36.2 मिलियन वर्ग फीट हो गई।

वेयरहाउसिंग का हिस्सा 24.3 मिलियन वर्ग फीट यानी अब्जॉर्प्शन का 67 प्रतिशत रहा। थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स यानी 3PL खिलाड़ियों ने 12.2 मिलियन वर्ग फीट लीज पर लिया और उनकी हिस्सेदारी साल-दर-साल 64 प्रतिशत बढ़ गई।

रेजिडेंशियल मार्केट में इन्वेंट्री का बढ़ना

इसके विपरीत, रेजिडेंशियल मार्केट में इन्वेंट्री जमा होने के संकेत दिखाई दिए। आठ प्रमुख बाजारों में अनसोल्ड रेजिडेंशियल इन्वेंट्री H1 2026 में 4 प्रतिशत बढ़कर 525,695 यूनिट हो गई। क्वार्टर-टू-सेल 2025 के अंत के 5.8 से बढ़कर 6.0 हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद में सबसे ज्यादा इन्वेंट्री ओवरहैंग 8.1 क्वार्टर दर्ज किया गया। इसके बाद नेशनल कैपिटल Region में यह 7.6 क्वार्टर रहा।

लग्जरी हाउसिंग और REITs की स्थिति

कमजोर अब्जॉर्प्शन ट्रेंड के बावजूद डेवलपर्स ने बड़े पैमाने पर लग्जरी हाउसिंग लॉन्च की योजना जारी रखी। डेवलपर्स H2 FY27 में गुरुग्राम में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के लग्जरी रेजिडेंशियल लॉन्च की तैयारी कर रहे थे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारतीय लिस्टेड REIT यूनिवर्स चार से बढ़कर छह ट्रस्ट हो गया है। लिस्टेड REITs ने Q1 FY27 में 3,136 करोड़ रुपये बांटे, जो एक साल पहले बांटे गए 1,559 करोड़ रुपये से दोगुने से अधिक हैं।

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