AI बूम से आ सकता है equity market में sharp correction, दुनिया भर में फैल सकते हैं losses: IMF की चेतावनी

New Delhi से 16 October को मिली रिपोर्ट के अनुसार International Monetary Fund (IMF) ने चेतावनी दी है कि artificial intelligence (AI) का बूम equity market में sharp correction की वजह बन सकता है। यह बूम short-run में economic growth की उम्मीदें बढ़ा रहा है, लेकिन वास्तविक productivity gains से आगे निकल चुकी उम्मीदें near-term disappointment पैदा कर सकती हैं। IMF ने एक blog post में कहा है कि इस तरह के नुकसान दुनिया भर में फैल सकते हैं।
IMF के अनुसार यह ongoing AI boom बुनियादी ढांचे में भारी निवेश पर आधारित है। इसमें data centres पर सबसे ज्यादा जोर है, जिसका नेतृत्व major technology companies यानी hyperscalers कर रहे हैं। ये कंपनियां अपनी profitability के बावजूद expansion के लिए debt markets पर लगातार निर्भर हो रही हैं।
AI बूम और market risk के मुख्य बिंदु
- investment-grade bond issuance में पिछले दो वर्षों में दस गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
- यह हिस्सा 1 प्रतिशत से कम से बढ़कर 10 प्रतिशत हो गया है और अभी भी बढ़ रहा है।
- AI industry बेहद केंद्रित और आपस में जुड़ी हुई है।
- hyperscalers advanced AI model developers में निवेश करते हैं।
- ये डेवलपर्स उन्हीं कंपनियों से data centre capacity खरीदते हैं।
- ग्लोबल लेवल पर roughly 40 percent jobs AI के संपर्क में हैं।
- advanced economies में यह exposure बढ़कर roughly 60 percent हो जाता है।
अपेक्षित लाभ और productivity के बीच अंतर
IMF का कहना है कि जोखिम यह है कि उम्मीदें productivity gains से बहुत तेजी से आगे निकल सकती हैं। इससे near-term disappointment के हालात बन सकते हैं। AI developers की तरफ से आने वाली big revenue या earnings की निराशा future profitability की उम्मीदों को कमजोर कर सकती है। इससे equity prices पर सीधा असर पड़ सकता है।
इस स्थिति को समझाने के लिए IMF ने Amara’s Law का उदाहरण दिया है। इस कानून के अनुसार हम short run में नई तकनीक के प्रभाव को overestimate करते हैं। वहीं long run में इसके प्रभाव को underestimate करते हैं। IMF के मुताबिक AI में होने वाला निवेश railroads, electricity grid और internet को बनाने में खर्च हुई भारी रकम से भी ज्यादा हो सकता है。
cross-border holdings और job market पर असर
short run में AI बूम एक positive demand shock है। यह US और hardware सप्लाई करने वाले Asian countries में growth को बढ़ा रहा है। हालांकि सभी देश इस wave का हिस्सा नहीं हैं और broader adoption के बिना कई देश पीछे छूट सकते हैं।
IMF ने यह भी चेतावनी दी है कि AI कंपनियों की तरफ से आने वाली disappointing earnings या cyberattacks market correction का कारण बन सकते हैं। यह करेक्शन highly leveraged और circular AI ecosystem में तेजी से फैल सकता है। AI assets की sizable cross-border holdings को देखते हुए ये losses दुनिया भर में फैल सकते हैं। इसके साथ ही job market में भी profound disruption आ सकती है क्योंकि global level पर 40 percent jobs AI से प्रभावित हैं।