इंडिया डीप टेक अलायंस के सदस्यों ने पहले साल में 56 डीप-टेक कंपनियों में लगभग 2,170 करोड़ रुपये का निवेश किया

इंडिया डीप टेक अलायंस ( IDTA ) के सदस्यों ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच 56 डीप-टेक कंपनियों में लगभग 2,170 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह जानकारी IDTA सदस्यों द्वारा खुद रिपोर्ट की गई है।
IDTA ने SEMICON India 2026 में इस आंकड़े की घोषणा की। अलायंस की शुरुआत भारतीय डीप-टेक कंपनियों के लिए लॉन्ग-टर्म प्राइवेट कैपिटल, तकनीकी विशेषज्ञता और इकोसिस्टम सपोर्ट जुटाने के लिए एक इंडस्ट्री-लेड पहल के रूप में लगभग एक साल पहले की गई थी।
यह निवेश व्यक्तिगत IDTA सदस्यों द्वारा उनकी संबंधित निवेश रणनीतियों और प्रक्रियाओं के अनुसार स्वतंत्र रूप से किए गए थे। पहले साल का यह आंकड़ा भारत में बनी डीप-टेक कंपनियों में निवेशकों के गहरे विश्वास और रणनीतिक टेक्नोलॉजी सेक्टर में कैपिटल डिप्लॉयमेंट की व्यापकता को दर्शाता है।
- IDTA सदस्यों ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच निवेश किया।
- कुल लगभग 2,170 करोड़ रुपये का निवेश 56 कंपनियों में हुआ।
- घोषणा SEMICON India 2026 में की गई।
- यह अलायंस का पहला वर्ष पूरा होने पर सामने आया।
RDI Scheme के पांच प्राथमिकता वाले सेक्टरों में कैपिटल डिप्लॉयमेंट
भारतीय समस्याओं पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उसके एप्लीकेशन ने 16 कंपनियों में लगभग 639 करोड़ रुपये आकर्षित किए। क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और स्पेस को कवर करने वाली डीप टेक्नोलॉजी ने 21 कंपनियों में लगभग 649 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
ऊर्जा सुरक्षा और ट्रांजिशन तथा क्लाइमेट एक्शन ने 8 कंपनियों में लगभग 655 करोड़ रुपये आकर्षित किए। बायोटेक, बायोमैन्युफैक्चरिंग, सिंथेटिक बायोलॉजी और फार्मास्यूटिकल्स ने 7 कंपनियों में लगभग 189 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
डिजिटल एग्रीकल्चर सहित डिजिटल इकोनॉमी ने 4 कंपनियों में लगभग 38 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
पूंजी से परे
IDTA की स्थापना इस आधार पर की गई थी कि डीप-टेक कंपनियों को केवल फाइनेंसिंग से अधिक की आवश्यकता होती है। सफल कमर्शियलाइजेशन के लिए तकनीकी विशेषज्ञता, रिसर्च क्षमताओं, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-chain पार्टनर, ग्राहकों, ग्लोबल मार्केट और एक सक्षम नीतिगत माहौल तक पहुंच की भी आवश्यकता होती है।
यह अलायंस प्रत्येक सदस्य के निवेश निर्णयों की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए इन संबंधों को मजबूत करने के लिए निवेशकों, कॉरपोरेट्स और इंडस्ट्री एसोसिएशन को एक साथ लाता है।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विचार
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूड ने कहा कि भारत ने वैज्ञानिक प्रतिभा और रिसर्च क्षमता की एक मजबूत नींव बनाई है। अगली अनिवार्यता इस ताकत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्नोलॉजी, उत्पादों और उद्यमों में बदलना है।
डीप-टेक इनोवेशन के लिए रिसर्च, वैलिडेशन, कमर्शियलाइजेशन और स्केल के माध्यम से पेशेंट कैपिटल और निरंतर समर्थन की आवश्यकता होती है। RDI Scheme के तहत पहचाने गए पांच प्राथमिकता वाले सेक्टरों में IDTA सदस्यों द्वारा तैनात की गई पूंजी भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम में निजी क्षेत्र के बढ़ते विश्वास का एक उत्साहजनक संकेत है।
IDTA और अन्य अधिकारियों के बयान
इंडिया डीप टेक अलायंस के एग्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर और Celesta Capital के फाउंडिंग मैनेजिंग पार्टनर श्रीराम विश्वनाथम ने कहा कि जब हमने SEMICON India 2025 में IDTA के लॉन्च की घोषणा की थी, तब हमारा विश्वास था कि भारत के डीप-टेक अवसर के लिए पेशेंट कैपिटल, तकनीकी विशेषज्ञता और कमर्शियल स्केल के रास्ते एक साथ लाने वाले निरंतर, इंडस्ट्री-लेड प्रयास की आवश्यकता है। एक साल बाद, IDTA सदस्यों द्वारा 50 से अधिक आशाजनक कंपनियों में निवेश किए गए लगभग 2,170 करोड़ रुपये यह दिखाते हैं कि यह दृष्टिकोण मापने योग्य कार्रवाई में बदलने लगा है।
इंडिया डीप टेक अलायंस के एग्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर और Premji Invest के चीफ फाइनेंशियल इसाॅफिसर एंड पार्टनर (अर्ली स्टेज) रवि किरण वडपल्ली ने कहा कि इस यात्रा के एक साल बाद, भारत के डीप टेक अवसर में हमारा विश्वास केवल मजबूत हुआ है। पिछले बारह महीनों में हम जमीन पर सक्रिय रहे हैं — सेमीकंडक्टर, डिफेंस टेक, बायो टेक, रोबोटिक्स और AI सहित डीप टेक में अर्ली-स्टेज कंपनियों के लिए रिस्क कैपिटल प्रतिबद्ध कर रहे हैं।
इंडिया डीप टेक अलायंस के एग्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर और Gaja Capital के मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीईओ गोपाल जैन ने कहा कि भारत में वैज्ञानिक प्रतिभा या महत्वाकांक्षी फाउंडर्स की कोई कमी नहीं है। महत्वपूर्ण अवसर मजबूत रास्ते बनाने का है जिसके माध्यम से रिसर्च इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, कमर्शियली वायबल उत्पादों और स्केलेबल कंपनियों में बदल सकती है।
इंडिया डीप टेक अलायंस के एग्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर और 3one4 Capital के मैनेजिंग पार्टनर प्रणव पाई ने कहा कि भारत में वैज्ञानिक प्रतिभा और महत्वाकांक्षी फाउंडर्स का गहरा भंडार है। मुख्य आवश्यकता ऐसे मजबूत रास्ते बनाना है जिनके जरिए रिसर्च कमर्शियली वायबल उत्पाद, संरक्षित इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और ऐसी कंपनियां बनती हैं जो स्केल कर सकें।
इंडिया डीप टेक अलायंस के बारे में
इंडिया डीप टेक अलायंस निवेशकों, कॉरपोरेट्स, टेक्नोलॉजी पार्टनर और इकोसिस्टम स्टेकहोल्डर्स का एक इंडस्ट्री-लेड कंसोर्टियम है जो AI, सेमीकंडक्टर, एडवांस कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, बायोटेक और अन्य क्षेत्रों में भारत की डीप टेक कंपनियों में तेजी लाने पर केंद्रित है।
IDTA फाउंडर्स को भारत से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्नोलॉजी कंपनियां बनाने में मदद करने के लिए कैपिटल एक्सेस, तकनीकी मेंटरशिप, मार्केट लिंकेज और पॉलिसी एंगेजमेंट को एक साथ लाता है। इसके बारे में अधिक जानकारी idtalliance.org पर प्राप्त की जा सकती है।