केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IDBI Bank की रणनीतिक पुनर्रचना को दी मंजूरी, 52,878 करोड़ रुपये में होगी हिस्सेदारी की बिक्री

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IDBI Bank की रणनीतिक पुनर्रचना को दी मंजूरी, 52,878 करोड़ रुपये में होगी हिस्सेदारी की बिक्री

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक Affairs ( CCEA ) द्वारा IDBI Bank की रणनीतिक पुनर्रचना को दी गई मंजूरी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस कदम से Foreign Direct Investment ( FDI ) के माध्यम से बैंक की वृद्धि का अगला चरण सक्षम होगा, जबकि एक अल्पमत हिस्सेदारी बरकरार रखी जाएगी और भारत के बैंकिंग इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा।

Union Cabinet ने बुधवार को कनाडा की Fairfax Financial Holdings को IDBI Bank में नियंत्रित 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दी है। इस सौदे के बाद Life Insurance Corporation of India ( LIC ) की शेयरहोल्डिंग घटकर 19 प्रतिशत रह जाएगी।

  • Union Cabinet ने IDBI Bank में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी।
  • कनाडा की Fairfax Financial Holdings को 52,878 करोड़ रुपये में यह हिस्सेदारी बेची जाएगी।
  • सौदे के बाद Life Insurance Corporation of India ( LIC ) की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत रह जाएगी।
  • सरकार और LIC की संयुक्त शेयरहोल्डिंग 34 प्रतिशत हो जाएगी।
  • IDBI Bank के gross non-performing assets ( GNPAs ) सितंबर 2018 के 31.78 प्रतिशत से गिरकर मार्च 2026 में 2.32 प्रतिशत हो गए।

मंत्रियों के बयान और शेयरहोल्डिंग विवरण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत का सुधार प्रक्षेपवक्र आज एक और मील का पत्थर छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि भारत की वृद्धि की कहानी मजबूत है, इसकी अर्थव्यवस्था लचीली है और सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटूट है।

Union Minister अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस पुनर्रचना से भारत के वित्तीय क्षेत्र में foreign investment आकर्षित होगा और small businesses और entrepreneurs के लिए नए वृद्धि के अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान वैष्णव ने बताया कि सरकार IDBI Bank में 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करेगी, जबकि Life Insurance Corporation of India ( LIC ) 30.24 प्रतिशत बेचेगी।

लेनदेन के बाद सरकार और LIC क्रमशः 15 प्रतिशत और 19 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनाए रखेंगे, जिससे उनकी संयुक्त शेयरहोल्डिंग 34 प्रतिशत हो जाएगी।

IDBI Bank के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार

यह पुनर्रचना IDBI Bank के financial health में महत्वपूर्ण सुधार के बाद आई है। बैंक के gross non-performing assets ( GNPAs ) सितंबर 2018 के 31.78 प्रतिशत से घटकर मार्च 2026 में 2.32 प्रतिशत रह गए।

Net non-performing assets ( NNPAs ) भी इसी अवधि के दौरान 17.30 प्रतिशत से गिरकर 0.15 प्रतिशत पर आ गए। इसके अलावा बैंक ने FY26 में 9,513 करोड़ रुपये का net profit दर्ज किया।

नियामक कार्रवाई का इतिहास

Reserve Bank of India ( RBI ) ने मई 2017 में IDBI Bank को उसकी बिगड़ती वित्तीय स्थिति के कारण अपने Prompt Corrective Action ( PCA ) फ्रेमवर्क के तहत रखा था। ऋणदाता के financial performance में सुधार के बाद मार्च 2021 में प्रतिबंध हटा दिए गए थे।

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