मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को सपोर्ट देंगे एक्सपोर्ट और बढ़ती पावर डिमांड, ICICI बैंक की रिपोर्ट में खुलासा

ICICI बैंक रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को एक्सपोर्ट और मजबूत होते इन्वेस्टमेंट साइकिल का सपोर्ट मिलता रहेगा। हालांकि, सामान्य से कम मानसून ग्रामीण डिमांड पर असर डाल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सपोर्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक ब्राइट स्पॉट बना रहेगा, जबकि बढ़ती पावर डिमांड इन्वेस्टमेंट साइकिल में मजबूती का संकेत दे रही है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कमजोर ग्रामीण डिमांड से कंजम्पशन, विशेषकर FMCG डिमांड पर दबाव आ सकता है। यह असेसमेंट तब सामने आया जब अगस्त में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन साल-दर-साल 8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि जुलाई में यह 7.4 प्रतिशत था। अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग 9 प्रतिशत बढ़ी और इलेक्ट्रिसिटी आउटपुट 12.3 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान माइनिंग कमजोर रही और इसमें 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
- अगस्त में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन साल-दर-साल 8 प्रतिशत बढ़ा।
- मैन्युफैक्चरिंग 9 प्रतिशत बढ़ी और इलेक्ट्रिसिटी आउटपुट 12.3 प्रतिशत बढ़ा।
- माइनिंग में 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
- चौदह में से तेईस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में ग्रोथ की रफ्तार तेज हुई।
- कैपिटल गुड्स का प्रोडक्शन 16.9 प्रतिशत बढ़ा।
मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर का प्रदर्शन
ICICI बैंक ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में सुधार ब्रॉड-बेस्ड था और यह घरेलू तथा बाहरी दोनों तरह की डिमांड को दर्शाता है। अगस्त में तेईस में से चौदह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में ग्रोथ की रफ्तार तेज हुई, जिसकी अगुवाई इलेक्ट्रिकल उपकरण, ट्रांसपोर्ट उपकरण और मोटर वाहनों ने की।
- इलेक्ट्रिकल उपकरण आउटपुट 30.9 प्रतिशत बढ़ा।
- अन्य ट्रांसपोर्ट उपकरण और मोटर वाहन क्रमशः 25.3 प्रतिशत और 25.2 प्रतिशत बढ़े।
- कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उत्पादों में 19.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई।
इन्वेस्टमेंट साइकिल और पावर डिमांड की स्थिति
इन्वेस्टमेंट साइकिल मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं और अगस्त में कैपिटल गुड्स का प्रोडक्शन 16.9 प्रतिशत बढ़ गया है। ICICI बैंक ने इस तेजी का श्रेय सरकार के नेतृत्व वाले इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और प्राइवेट सेक्टर के सुधरते कैपिटल एक्सपेंडिचर को दिया है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स में 6.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
- इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन 13.3 प्रतिशत बढ़ा।
- रिन्यूएबल जनरेशन में 15.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट में यह भी नोट किया गया कि पावर डिमांड में बढ़ोतरी की एक वजह सामान्य से कम मानसून भी था। ICICI बैंक का अनुमान है कि एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट साइकिल मैन्युफैक्चरिंग के लिए मुख्य सपोर्ट बने रहेंगे, जबकि कमजोर मानसून ग्रामीण कंजम्पशन पर असर डाल सकता है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स नॉन-ड्यूरेबल्स की तुलना में अधिक तेजी दिखा रहे हैं, जो यह बताता है कि कंजम्पशन में सुधार फिलहाल डिस्क्रिएशनरी गुड्स में ज्यादा साफ दिखाई दे रहा है।