ICICI Bank Q2 नेट प्रॉफिट 20 प्रतिशत बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हुआ

आईसीआईसीआई बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणाम जारी किए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 20.1 प्रतिशत साल-दर-साल बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
इस तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत लोन ग्रोथ और बैड लोन के लिए कम प्रोविजनिंग के कारण बेहतर रहा है। जुलाई-सितंबर तिमाही के आंकड़े बैंक की वित्तीय स्थिति में मजबूती को दर्शाते हैं।
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 20.1 प्रतिशत बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हुआ
- नेट इंटरेस्ट इनकम 17.7 प्रतिशत बढ़कर 25,339 करोड़ रुपये रही
- ग्रॉस एनपीए अनुपात घटकर 1.20 प्रतिशत पर आया
- कुल एडवांस 30 प्रतिशत बढ़कर 18.32 लाख करोड़ रुपये पहुंचे
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 22.3 प्रतिशत बढ़कर 16,333 करोड़ रुपये हुआ
नेट इंटरेस्ट इनकम और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में वृद्धि
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) जो अर्जित ब्याज और भुगतान किए गए ब्याज के बीच का अंतर है, 17.7 प्रतिशत बढ़कर 25,339 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 21,529 करोड़ रुपये था। कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट साल-दर-साल 21.8 प्रतिशत बढ़कर 20,805 करोड़ रुपये हो गया है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स इस दौरान 20.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,724 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) समीक्षाधीन तिमाही के दौरान 4.18 प्रतिशत रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 4.30 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 4.36 प्रतिशत था।
एसेट क्वालिटी और लोन तथा डिपॉजिट की स्थिति
30 सितंबर 2026 तक बैंक का ग्रॉस नॉन-रिफॉर्मिंग एसेट यानी एनपीए अनुपात सुधरकर 1.20 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल 1.58 प्रतिशत था। नेट एनपीए अनुपात इसी अवधि के दौरान 0.39 प्रतिशत से घटकर 0.30 प्रतिशत हो गया है। सितंबर के अंत में बैंक के कुल एडवांस 30 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 18.32 लाख करोड़ रुपये हो गए। डिपॉजिट में 27.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 20.50 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
फॉरेन करेंसी नॉन-सिडेंट (एफएनसीआर-बी) डिपॉजिट को छोड़कर एडवांस और डिपॉजिट में क्रमशः 24.1 प्रतिशत और 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे
कंसोलिडेटेड आधार पर आईसीआईसीआई बैंक ने तिमाही के लिए 16,333 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट reported किया। पिछले साल की समान अवधि में यह 13,357 करोड़ रुपये था, जो लगभग 22.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। 30 सितंबर 2026 तक कंसोलिडेटेड एसेट्स साल-दर-साल 22.6 प्रतिशत बढ़कर 32.93 लाख करोड़ रुपये हो गईं।