एचएसबीसी रिपोर्ट के अनुसार 99% भारतीय उद्यमी बिजनेस को एआई के अनुकूल बना रहे हैं

एचएसबीसी रिपोर्ट के अनुसार 99% भारतीय उद्यमी बिजनेस को एआई के अनुकूल बना रहे हैं

भारतीय उद्यमी वैश्विक स्तर के मुकाबले तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को अपना रहे हैं। एचएसबीसी के ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरियल वेल्थ रिपोर्ट 2026 के अनुसार लगभग सभी भारतीय उद्यमी अपने कामकाज में बदलाव की योजना बना रहे हैं।

मुंबई में 29 सितंबर को जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 99% भारतीय उद्यमियों ने एआई के जवाब में अपने बिजनेस ऑपरेशंस में बदलाव कर लिया है या करने की योजना बनाई है। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर 95% है।

लगभग दो-तिहाई यानी 65% उद्यमियों ने एआई के प्रभाव के लिए अपने बिजनेस को पहले ही तैयार कर लिया है। वैश्विक औसत इस मामले में 60% है।

  • 99% भारतीय उद्यमी अपने बिजनेस को एआई के अनुसार ढाल रहे हैं।
  • 65% उद्यमियों ने एआई के प्रभाव के लिए अपने बिजनेस को पहले ही समायोजित कर लिया है।
  • 54% उद्यमी अपने टर्नओवर का 11% से 30% हिस्सा एआई में निवेश करने की योजना बना रहे हैं।
  • 45% उद्यमी आने वाले दो वर्षों में एआई के कारण कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
  • 74% भारतीय उद्यमी अपना निवास स्थान बदलने या अतिरिक्त रेजिडेंसी जोड़ने की योजना बना रहे हैं।

एआई में निवेश और बिजनेस पर प्रभाव

54% भारतीय उद्यमी अपने टर्नओवर का 11% से 30% हिस्सा एआई में निवेश करने की योजना बना रहे हैं। वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 61% है।

46% भारतीय उद्यमी इसे प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल करने में मददगार मानते हैं। 42% का मानना है कि यह नए बाजारों की पहचान करने में मदद कर सकता है।

39% उद्यमी कर्मचारी उत्पादकता बढ़ाने और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार को संभावित लाभ के रूप में देखते हैं। 45% उद्यमी एआई से दो साल में कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद करते हैं जबकि 25% इसके घटने की आशंका जताते हैं।

एआई को लेकर चिंताएं और भरोसा

डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा जोखिम 44% उद्यमियों की सबसे बड़ी चिंता है। इसके अलावा नौकरी जाने के डर से कर्मचारी विरोध (38%) और बिना व्यवधान के लीगेसी सिस्टम में एआई को इंटीग्रेट करना (35%) शामिल है।

इन चुनौतियों के बावजूद 54% उद्यमी बिजनेस गतिविधियों का समर्थन करने के लिए एआई में 'बहुत अधिक' भरोसा रखते हैं। वैश्विक स्तर पर यह भरोसा 46% है।

वित्तीय और बिजनेस भविष्य को लेकर सकारात्मकता

97% भारतीय उद्यमियों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ वर्षों में उनकी व्यक्तिगत संपत्ति में सुधार होगा। यह आंकड़ा 2025 में 95% था और वैश्विक औसत 90% से अधिक है।

51% उद्यमी अपनी संपत्ति 'बहुत बेहतर' होने की उम्मीद करते हैं जबकि वैश्विक स्तर पर यह 44% है। 97% उद्यमी अपने मौजूदा बिजनेस संभावनाओं को लेकर सकारात्मक हैं।

सकारात्मकता के मुख्य कारणों में तकनीकी प्रगति (46%), बिजनेस अवसर और प्रदर्शन (42%) तथा एआई में प्रगति (40%) शामिल हैं। संदीप बत्रा, हेड, इंटरनेशनल वेल्थ एंड प्रीमियर बैंकिंग, एचएसबीसी इंडिया ने कहा कि भारतीय उद्यमी एआई के प्रति महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

वैश्विक जीवनशैली और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन

लगभग तीन-चौथाई यानी 74% भारतीय उद्यमी निवास स्थान बदलने या अतिरिक्त रेजिडेंसी जोड़ने की योजना बना रहे हैं। सिंगापुर सबसे लोकप्रिय गंतव्य (14%) है, जिसके बाद फ्रांस, यूके और यूएस (प्रत्येक 11%) आते हैं।

  • गोल्ड में निवेश: 63%
  • कैश: 54%
  • रियल एस्टेट फंड: 51%
  • प्राइवेट इक्विटी फंड: 48%

रियल एस्टेट फंड में अगले 12 महीनों में निवेश बढ़ाने की योजना 71% की है। गोल्ड, प्राइवेट कंपनियों में प्रत्यक्ष निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में यह आंकड़ा प्रत्येक 61% है।

वैकल्पिक संपत्तियों में निवेश के कारण और चिंताएं

वैकल्पिक परिसंपत्ति निवेश के निर्णयों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक जोखिम-समायोजित रिटर्न (50%) हैं। इसके बाद महंगाई से सुरक्षा (46%) और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन (46%) आते हैं।

वैकल्पिक परिसंपत्तियों को लेकर मुख्य चिंताओं में वैल्यूएशन पारदर्शिता की कमी (39%), उच्च मैनेजमेंट फीस और लागत (38%), मार्केट करेक्शन रिस्क (36%) और सीमित लिक्विडिटी (36%) शामिल हैं। संपत्ति की सुरक्षा के लिए महंगाई से बचाव (47%), नुकसान से बचाव (43%) और वैश्विक डाइवर्सिफिकेशन (35%) मुख्य प्रभाव हैं।

शोध से जुड़ी अन्य जानकारी

यह शोध इпсоस यूके द्वारा एचएसबीसी की ओर से दुनिया भर के 3,085 हाई नेट वर्थ बिजनेस मालिकों के बीच किया गया था। इनमें कम से कम 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की निवेश योग्य संपत्ति वाले लोग शामिल थे।

एक तिहाई यानी 1,101 उद्यमी अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ वाले थे जिनकी कुल संपत्ति 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक थी। यह फील्डवर्क 1 अप्रैल से 15 मई 2026 के बीच ऑनलाइन किया गया था।

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