HCLTech India Mobile Congress 2026 में AI-native networks और sovereign tech पर फोकस कर रही है

नई दिल्ली में आयोजित India Mobile Congress 2026 इवेंट के दौरान HCLTech के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत में टेलीकम्युनिकेटिव और एंटरप्राइज लैंडस्केप को तेजी से बदल रहा है। कंपनी AI-native architecture, sovereign networks और एंटरप्राइज नेटवर्क रिफ्रेश की तरफ बड़े बदलाव को बढ़ावा दे रही है।
HCLTech के Telco and Enterprise Networks के Executive Vice President और Global Business Head गुरप्रीत कोहली ने ANI को दिए गए बयान में बताया कि घरेलू बाजार में एंटरप्राइज डिमांड तेजी से बढ़ रही है। इस बदलाव से टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स और टेलीकॉम ऑपरेटर्स को पारंपरिक बैंडविड्थ मोनेटाइजेशन मॉडल बदलने के बड़े अवसर मिल रहे हैं।
- HCLTech भारत में AI-native networks और sovereign tech पर फोकस कर रही है।
- India Mobile Congress 2026 इवेंट के दौरान कंपनी ने अपनी रणनीतियों की जानकारी दी।
- गुरप्रीत कोहली ने बताया कि एंटरप्राइज साइड पर नेटवर्क रिफ्रेश से बड़े अवसर मिल रहे हैं।
- कंपनी Verizon जैसे ग्लोबल डील्स के बाद भारतीय टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ सहयोग की तलाश में है।
- Sarvam के साथ साझेदारी के जरिए भारत के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिप्लॉयमेंट दिए जा रहे हैं।
AI space और sovereign infrastructure पर जोर
HCLTech भारत के बाजार के लिए कस्टमाइज्ड और क्यूरेटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेस में बड़ा काम करने की कोशिश कर रहा है। गुरप्रीत कोहली ने कहा कि इससे पब्लिक सेक्टर, गवर्नमेंट सर्विसेज और सेमीकंडक्टर बिजनेस सहित कई क्षेत्रों में वैल्यू अनलेश होगी।
सॉवरेन इंफ्रास्ट्रक्चर और नेक्स्ट जेनरेशन नेटवर्क्स की ओर यह कदम सेक्टर को लेगेसी क्लाउड-डिपेंडेंट सेटअप से दूर ले जा रहा है। HCLTech की ERS की Global Delivery की Senior Vice President सुमित्रा रंगनाथन ने बताया कि 5G से 6G की ओर ट्रांजिशन के लिए AI-native अप्रोच की जरूरत होती है।
एंटरप्राइज क्लाइंट्स और डेटा सिक्योरिटी
सुमित्रा रंगनाथन ने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी है कि वे एथिकल सेफगार्ड्स और डेटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखें। उन्होंने बताया कि AI मिसबेहेविंग की घटनाओं को रोकने के लिए सही गार्डरेल्स और चेक्स लगाने की जरूरत होती है।
ऑन-प्रिमाइसेस एनवायरनमेंट से ट्रांजिशन के दौरान एंटरप्राइज क्लाइंट्स डेटा प्राइवेसी पर फोकस बनाए रखते हैं। इसके लिए डिप्लॉयमेंट में स्टैंडराइज्ड वल्नरेबिलिटी असेसमेंट्स और सख्त सिक्योरिटी सिस्टम्स की आवश्यकता होती है।