दिल्ली सर्राफा बाजार में 8 अक्टूबर 2026 को सोना 3600 रुपये महंगा होकर 152500 रुपये पर पहुंचा

दिल्ली सर्राफा बाजार में 8 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। सोना 3600 रुपये महंगा होकर 152500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी 7 अक्टूबर के पिछले बंद भाव से उलट है, जब सोना 148900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
वैकल्पिक डेटा के अनुसार, 24-करेट सोना 149690 रुपये से 149700 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहा। 22-करेट सोना 137240 रुपये से 137250 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज किया गया। इसके विपरीत, राजधानी में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है।
999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत वर्तमान में लगभग 251900 रुपये प्रति किलोग्राम है। गिरावट के दायरे को लेकर रिपोर्ट अलग-अलग हैं, जिसमें कुछ स्रोतों ने 1580 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी बताई है, जबकि अन्य ने 2000 रुपये से 5000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच गिरावट का अनुमान लगाया है।
- दिल्ली सर्राफा बाजार में 8 अक्टूबर 2026 को सोना 3600 रुपये महंगा हुआ।
- सोने का नया भाव 152500 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
- 7 अक्टूबर को सोने का पिछला बंद भाव 148900 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
- 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत लगभग 251900 रुपये प्रति किलोग्राम है।
- भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
सोने की कीमतों में तेजी के कारण
उद्योग विशेषज्ञों ने सोने की कीमत में बढ़ोतरी का कारण आभूषण निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं की मांग को बताया है। यह मांग धनतेरस, दिवाली और शादी के सीजन सहित त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी है। व्यापक आर्थिक कारक इन जिंसों को प्रभावित करना जारी रखते हैं।
लेमन ब्रोकरेज फर्म के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने बताया कि घरेलू मांग ने सोने को आगे बढ़ाया, जबकि एक मजबूत डॉलर और बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों ने संभावित लाभ को सीमित कर दिया। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और चांदी की चाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, COMEX बाजार में सोने में तेजी और चांदी में गिरावट देखी गई। विश्लेषकों का सुझाव है कि चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण औद्योगिक मांग में अस्थायी सुस्ती और ऊंचे मूल्य स्तर पर मुनाफावसूली है।