ICICI Bank रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल बॉंड बिकवाली और यील्ड में तेजी निकट अवधि में जारी रहने की आशंका

ICICI Bank रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल बॉंड बिकवाली और यील्ड में तेजी निकट अवधि में जारी रहने की आशंका

ICICI Bank Research की एक रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल बॉंड बिकवाली निकट अवधि में जारी रहने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़े हुए राजकोषीय घाटे, बढ़ते सरकारी कर्ज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी कर्ज और सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों के कारण लंबी अवधि की यील्ड ऊपर बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती 2027 में यील्ड के अपने शिखर पर पहुंचने से पहले इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तेल की कीमतों में नरमी आने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा कर्ज कम होने पर इसमें स्थिरता आ सकती है।

  • रिपोर्ट के अनुसार स्ट्रक्चरल कारकों के बने रहने से बॉंड बिकवाली जारी रहने की उम्मीद है।
  • सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में 10-year US Treasury yield बढ़कर 5.3 per cent पर पहुंच गया था।
  • यह स्तर 2002 के बाद से सबसे उच्च स्तर है।
  • जर्मनी, फ्रांस, UK और जापान में भी यील्ड कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

ग्लोबल बॉंड बिकवाली के मुख्य कारण

रिपोर्ट में बताया गया है कि बढ़े हुए राजकोषीय घाटे और कर्ज का स्तर बिकवाली के सबसे बड़े स्ट्रक्चरल ड्राइवर हैं। साल 2026 में ग्लोबल राजकोषीय घाटा GDP का लगभग 5.2 per cent रहने का अनुमान है। यह महामारी से पहले के स्तर से लगभग 100 basis points अधिक है।

साल 2030 तक ग्लोबल पब्लिक डेट के ग्लोबल GDP से अधिक होने की उम्मीद है। बढ़े हुए कर्ज और ज्यादा उधार लागत से कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिवर्स क्राउडिंग आउट

दबाव का एक नया स्रोत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश का उछाल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियां 2027 में बॉंड के माध्यम से लगभग USD 500 billion जुटा सकती हैं। यह US long-term Treasury supply के लगभग USD 400-500 billion के मुकाबले है।

ICICI Bank ने लंबी अवधि के वित्तपोषण के लिए इस संभावित प्रतिस्पर्धा को रिवर्स क्राउडिंग आउट कहा है। इसमें प्राइवेट-सेक्टर का कर्ज सरकारी बॉंड यील्ड पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

  • US hyperscalers ने 2026 में डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए पहले ही USD 220 billion उधार ले लिए हैं।
  • इस साल उनका कैपिटल एक्सपेंडिचर USD 729 billion तक पहुंचने का अनुमान है।
  • साल 2027 में यह बढ़कर USD 1.069 trillion हो सकता है।
  • जैसे-जैसे निवेश रिटर्न देना शुरू करेगा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा कर्ज 2027 में चरम पर पहुंच सकता है।

मौद्रिक नीति और राहत के कारक

मौद्रिक नीति भी एक अन्य दबाव बिंदु है। Federal Reserve ने सितंबर में दरों में 25 basis points की बढ़ोतरी की थी। इस साल कई अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने भी नीति को सख्त किया है।

बाजारों में दरों में और बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे बॉंड यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव बढ़ रहा है।

हालांकि, पश्चिम एशिया संघर्ष के तेजी से समाधान, कम तेल की कीमतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कर्ज में मंदी से दबाव कम हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे पहले के निवेश राजस्व उत्पन्न करना शुरू करेंगे, ऑपरेटिंग कैश फ्लो कैपिटल एक्सपेंडिचर के बढ़ते हिस्से को फंड कर सकता है।

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