फॉरेस्ट हेल्थकेयर ने सुप्रीम कोर्ट के फोरेंसिक ऑडिट आदेश पर दी सफाई, खुद को बताया विवाद से अनजान

फॉरेस्ट हेल्थकेयर लिमिटेड ने दाइची सांक्यो और सिंह ब्रदर्स के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि वह इस पूरे विवाद से पूरी तरह अनजान थी।
कंपनी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर के अपने आदेश में उस स्पेशल लीव पिटिशन का निपटारा कर दिया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के 31 अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कंपनी के फोरेंसिक ऑडिट का निर्देश दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर को फॉरेस्ट हेल्थकेयर की याचिका का निपटारा किया।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने 31 अगस्त को फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट की टिप्पणियां केवल ऑडिट का मामला तय करने के लिए टेंटेटिव थीं।
- फॉरेस्ट हेल्थकेयर ने खुद को दाइची सांक्यो और सिंह ब्रदर्स के विवाद से पूरी तरह अलग बताया।
- कंपनी के मुताबिक उस पर कोई लायबिलिटी, पेनाल्टी या फाइन नहीं लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और फोरेंसिक ऑडिट पर स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने फोरेंसिक ऑडिट को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फोरेंसिक ऑडिट स्वतंत्र रूप से किया जाएगा और इस पर हाईकोर्ट की टिप्पणियों का कोई असर नहीं पड़ेगा।
फॉरेस्ट हेल्थकेयर ने जोर देकर कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से कंपनी पर कोई लायबिलिटी, पेनाल्टी या फाइन नहीं लगाया गया है। कंपनी कभी भी दाइची सांक्यो और सिंह ब्रदर्स के बीच आर्बिट्रेशन कार्यवाही का हिस्सा नहीं रही है।
प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग और नए निवेशकों पर सफाई
कंपनी ने बताया कि एक सार्वजनिक रूप से लिस्टेड एंटिटी होने के नाते उसका अपने पूर्व प्रमोटर्स द्वारा शेयरों के ट्रांसफर पर कोई नियंत्रण नहीं था। कंपनी को पूर्व प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग के कथित तौर पर कम होने के कारण कोई पैसा या प्रोसीड्स प्राप्त नहीं हुई है।
मार्च 2018 तक सिंह ब्रदर्स की शेयरहोल्डिंग एक प्रतिशत से कम हो गई और उन्होंने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद संस्थागत शेयरधारकों ने स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति की।
नया निवेश और वर्तमान प्रमोटर की स्थिति
स्वतंत्र बोर्ड ने जून 2018 में नए निवेशक की पहचान के लिए एक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया शुरू की थी। वर्तमान प्रमोटर शेयरहोल्डर नॉर्दन टीके वेंचर प्राइवेट लिमिटेड का निवेश नवंबर 2018 में इक्विटी शेयरों के नए इश्यू के माध्यम से किया गया था।
- सीसीआई, सेबी, स्टॉक एक्सचेंजों और शेयरधारकों से वैधानिक और नियामक मंजूरियां ली गईं।
- यह ट्रांजैक्शन सिंह ब्रदर्स का कंपनी से संबंध खत्म होने के कई महीनों बाद हुआ।
- इस ट्रांजैक्शन में सिंह ब्रदर्स के शेयरों का ट्रांसफर शामिल नहीं था।
- यह खुलासा सेबी लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स रेगुलेशन्स के Regulation 30 के तहत किया गया।
- संबंधित घटना 26 सितंबर को घटी थी।