वैश्विक अनिश्चितता और तेल कीमतों के बीच भारत पर कैपिटल फ्लो और रुपये को लेकर बना है दबाव, वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट

वित्त मंत्रालय की सितंबर Monthly Economic Review के अनुसार भारत को वैश्विक अनिश्चितता के बीच कैपिटल फ्लो और अपनी करेंसी पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑयल कीमतों में तेज वृद्धि और वैश्विक bond yields में भारी उछाल के कारण बाहरी माहौल बिगड़ गया है।
समीक्षा में कहा गया है कि घरेलू आर्थिक गतिविधि मजबूत बनी हुई है लेकिन शॉर्ट-term दबाव भारतीय एसेट्स और करेंसी पर बना हुआ है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं द्वारा मैन्युफैक्चरिंग के लिए पूंजी जुटाने और वैश्विक सप्लाई चेन के हथियारीकरण के कारण वैश्विक निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
- भारत और अन्य विकासशील देशों को कैपिटल फ्लो आकर्षित करने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
- सितंबर में ऑयल कीमतों में तेजी आई और global bond yields में काफी बढ़ोतरी हुई।
- भारतीय debt पर कम risk premium के कारण रुपये पर दबाव बढ़ रहा है।
- चालू वित्त वर्ष में net foreign direct investment inflows पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
- यूनाइटेड स्टेट्स के साथ trade relations अनिश्चित बने हुए हैं और Graham Bill को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।
बाहरी चुनौतियां और वैश्विक स्थितियां
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक परिस्थितियां फिर से प्रतिकूल हो गई हैं। विकसित अर्थव्यवस्थाएं मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश सुरक्षित करने में लगी हुई हैं और वैश्विक स्तर पर superintelligence-संबंधी निवेश में पूंजी का प्रवाह लगातार जारी है।
Graham Bill के पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने से अमेरिकी राष्ट्रपति को रूसी crude oil खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की शक्ति मिल गई है। इन बाहरी जोखिमों और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है।
घरेलू अर्थव्यवस्था के आंकड़े और जीडीपी ग्रोथ
भारत की अर्थव्यवस्था ने Q2 FY27 में मजबूती के साथ प्रवेश किया। Q1 FY27 में real GDP 7.8 प्रतिशत बढ़ी जबकि real GVA में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- कंस्ट्रक्शन सेक्टर 7.7 प्रतिशत बढ़ा।
- सर्विसेज सेक्टर में 10 प्रतिशत की तेजी आई।
- प्राइवेट कंजम्पशन 7.1 प्रतिशत बढ़ा और gross fixed capital formation 11.9 प्रतिशत बढ़ा।
औद्योगिक उत्पादन और बाहरी क्षेत्र की स्थिति
जुलाई में औद्योगिक उत्पादन 6.7 प्रतिशत बढ़ा और अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग PMI 52.8 पर रहा। बिजली की खपत में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और बैंक क्रेडिट मजबूत बना रहा।
अगस्त में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट साल-दर-साल 26.1 प्रतिशत बढ़ा। 18 सितंबर तक foreign exchange reserves 765.9 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किए गए।