CBI ने LIC इन्वेस्टमेंट फ्रॉड केस में Reliance Communications Ltd. के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

CBI ने LIC इन्वेस्टमेंट फ्रॉड केस में Reliance Communications Ltd. के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

केन्द्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने LIC इन्वेस्टमेंट फ्रॉड मामले में मुंबई के स्पेशल जज फॉर CBI केसेस की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट 3 अक्टूबर 2026 को दाखिल की गई है। इस मामले में Reliance Communications Ltd. और Reliance ADA ग्रुप के दो अधिकारियों समेत कुल चार लोगों को आरोपी बनाया गया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों के तहत कार्रवाई की गई है। यह जांच अभी जारी है ताकि अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा सके। CBI ने इस मामले में 1 अप्रैल 2026 को LIC की शिकायत पर केस दर्ज किया था।

  • चार्जशीट में शामिल आरोपी Reliance Communications Ltd., अमिताभ झुनझुनवाला, विश्वास जोशी और पी वेणुगोपाल हैं।
  • LIC ने साल 2012 में Reliance Communications Ltd. के 1,500 करोड़ रुपये मूल्य के NCDs खरीदे थे।
  • प्राप्त फंड को ADA ग्रुप की कंपनियों में डायवर्ट किया गया जिससे LIC को नुकसान हुआ।
  • CBI ने इस मामले में कुल 3,750 करोड़ रुपये के नुकसान का हवाला दिया है।
  • यह रिलायंस ADA ग्रुप के मामलों में CBI द्वारा दाखिल की गई आठवीं चार्जशीट है।

चार्जशीट में इन लोगों और संस्थाओं के नाम हैं शामिल

इस चार्जशीट में Reliance Communications Ltd., ग्रुप MD अमिताभ झुनझुनवाला, Reliance Capital Limited के VP विश्वास जोशी और LIC के तत्कालीन चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर पी वेणुगोपाल को आरोपी बनाया गया है। इन चारों पर IPC और Prevention of Corruption Act, 1988 के तहत आरोप तय किए गए हैं।

LIC इन्वेस्टमेंट और फंड डायवर्जन से जुड़ा है मामला

अब तक की जांच में सामने आया है कि LIC ने साल 2012 में गंभीर गलत बयानी के आधार पर Reliance Communications Ltd. द्वारा जारी 1,500 करोड़ रुपये के NCDs में निवेश किया था। NCD सब्सक्रिप्शन के जरिए मिले फंड को बाद में ADA ग्रुप की कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया। इस प्रक्रिया से LIC को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपियों तथा संस्थाओं को फायदा मिला।

CBI की पिछली कार्रवाई और अन्य FIR का विवरण

CBI, BSFB, दिल्ली ने विभिन्न पब्लिक सेक्टर बैंकों, LIC और EPFO से मिली शिकायतों के आधार पर Reliance Communications Limited, Reliance Home Finance Limited, Reliance Commercial Finance Limited, Reliance Telecom Limited और अन्य रिलायंस ADA ग्रुप की संस्थाओं के खिलाफ नौ FIR दर्ज की थीं। CBI इन मामलों में पहले ही सात चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा मॉनिटर की जा रही है।

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