बैंकों के मार्जिन में वित्त वर्ष 27 की तीसरी तिमाही से सुधार की उम्मीद, फ्रेश लोन दरों में बढ़ोतरी

आईआईएफएल कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार बैंकों के मार्जिन में वित्त वर्ष 27 की तीसरी तिमाही या चौथी तिमाही से सुधार होने की उम्मीद है क्योंकि अधिकांश लोन सेगमेंट में फ्रेश लोन दरों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि एफसीएनआर डिपॉजिट के प्रभाव के कारण निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रेश स्प्रेड्स में क्रमिक सुधार की ओर इशारा करते हुए अधिकांश सेगमेंट में क्वार्टर-टू-डेट फ्रेश लोन दरों में 2 से 24 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा दूसरी तिमाही में मीडियन एक साल का मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर तिमाही-दर-तिमाही 7 बेसिस पॉइंट्स बढ़ गया है।
ब्रोकरेज ने यह भी उल्लेख किया है कि दूसरी तिमाही में मार्जिन का प्रदर्शन कमोबेश सुस्त रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार हम दूसरी तिमाही में एफसीएनआर के कारण नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम में 3 से 40 बेसिस पॉइंट्स के ड्रैग की उम्मीद करते हैं, जो 1 से 16 प्रतिशत तक ईपीएस अपग्रेड को बढ़ावा देगा।
विभिन्न सेगमेंट में लोन दरों की स्थिति और स्प्रेड
- निजी बैंकों के लिए फ्रेश स्प्रेड में चालू तिमाही के दौरान 16 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए फ्रेश स्प्रेड में चालू तिमाही के दौरान 2 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के औसत की तुलना में आउटस्टैंडिंग स्प्रेड मोटे तौर पर स्थिर बने रहे हैं।
- लेंडिंग दरों में सुधार बड़े उद्योग, एमएसएमई, बुनियादी ढांचा, व्यापार, शिक्षा और अन्य पर्सनल लोन सहित कई कैटेगरी में दिखाई दे रहा है।
क्रेडिट ग्रोथ और सिस्टम लोन की स्थिति
इस बीच क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। अगस्त में घरेलू सिस्टम लोन सालाना आधार पर 20.1 प्रतिशत और क्वार्टर-टू-डेट आधार पर 2.1 प्रतिशत बढ़े।
15 सितंबर तक सिस्टम लोन ग्रोथ सालाना आधार पर 18.8 प्रतिशत रही, जबकि डिपॉजिट के लिए यह 16.7 प्रतिशत थी। इस दौरान लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो घटकर करीब 81 प्रतिशत पर आ गया।
क्वाटर-टू-डेट लोन ग्रोथ का नेतृत्व गोल्ड, एनबीएफसी, एमएसएमई और व्हीकल लोन ने किया है, जबकि बड़े कॉर्पोरेट लोन में गिरावट आई है। आईआईएफएल कैपिटल को उम्मीद है कि मजबूत एफसीएनआर मोबिलाइजेशन वाले बैंक दूसरी तिमाही में घरेलू सिस्टम से ऊपर ग्रोथ दर्ज करेंगे, जिसका नेतृत्व एफसीएनआर सेल्फ-लेवरिज के खिलाफ दिए गए ओवरसीज लोन करेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार उच्च फ्रेश लोन दरों, चुनिंदा बैंकों में रेजिडेंशियल टर्म-डिपॉजिट रीप्राइसिंग और एफसीएनआर लिक्विडिटी की तैनाती का संयोजन तीसरी तिमाही से आगे मार्जिन का समर्थन करेगा।