बैंक क्रेडिट ग्रोथ तेज होकर 19 प्रतिशत पर पहुंची, डिपॉजिट ग्रोथ भी बढ़कर 18 प्रतिशत हुई: जेफरीज

जेफरीज ने अपनी इंडिया फाइनेंशियल डेली रिपोर्ट में कहा है कि 31 अगस्त तक बैंक क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर तेज होकर 19 प्रतिशत पर पहुंच गई है। डिपॉजिट ग्रोथ भी बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जो बैंक लेंडिंग में लगातार जारी मोमेंटम को दिखाता है।
नवीनतम डेटा से पता चलता है कि बैंक लोन ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। लोन और इन्वेस्टमेंट ग्रोथ मिलकर 18 प्रतिशत डिपॉजिट ग्रोथ की तुलना में 16 प्रतिशत पर थी।
- 31 अगस्त तक बैंक क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 19 प्रतिशत पर पहुंची।
- डिपॉजिट ग्रोथ बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है।
- क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो करीब 80 प्रतिशत दर्ज किया गया।
- इन्वेस्टमेंट-टू-डिपॉजिट रेशियो करीब 26 प्रतिशत रहा।
- 21 सितंबर तक बैंकिंग सिस्टम सरप्लस लिक्विडिटी करीब Rs 5 trillion रही।
क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ के आंकड़े
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो करीब 80 प्रतिशत और इन्वेस्टमेंट-टू-डिपॉजिट रेशियो करीब 26 प्रतिशत पर था। बैंक क्रेडिट ग्रोथ में पिछले कुछ महीनों में तेजी आई है और प्राइवेट बैंकों ने अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी है।
जेफरीज के बैंक क्रेडिट ट्रेंड्स चार्ट के अनुसार, ग्रोथ में 2024 और शुरुआती 2025 के दौरान सुस्ती आई थी। यह ग्रोथ 2025 के बीच से सुधरनी शुरू हुई और अगस्त 2026 तक 19 प्रतिशत पर पहुंच गई।
डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और लिक्विडिटी की स्थिति
डिपॉजिट मोबिलाइजेशन मजबूत होने से लोन ग्रोथ और डिपॉजिट ग्रोथ के बीच का अंतर कम हुआ है। इससे तेज क्रेडिट एक्सपेंशन से पैदा होने वाले दबाव में कुछ कमी आई है।
रिपोर्ट में लिक्विडिटी कंडीशंस में सुधार का भी जिक्र किया गया है। जेफरीज के डेटा के अनुसार 21 सितंबर तक बैंकिंग सिस्टम सरप्लस लिक्विडिटी करीब Rs 5 trillion थी।
भविष्य के संकेत और अन्य वित्तीय विकास
मजबूती से सुधरते मोमेंटम के कारण लेंडिंग को समर्थन मिलता रहेगा, लेकिन आगे चलकर क्रेडिट ग्रोथ में हल्की नरमी आ सकती है। व्यापक वित्तीय प्रणाली में हालिया फॉरेन-करेंसी डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और फंडिंग कंडीशंस में बदलाव जैसे विकास भी देखे जा रहे हैं।
डिपॉजिट ग्रोथ, क्रेडिट डिमांड और सिस्टम लिक्विडिटी के आंकड़े आने वाले महीनों में बैंकों की बैलेंस शीट के विकास को समझने के लिए अहम इंडिकेटर बने रहेंगे।