बजाज फाइनेंस बोर्ड ने QIP और वारंट के जरिए 17,500 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी

बजाज फाइनेंस बोर्ड ने QIP और वारंट के जरिए 17,500 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी

मुंबई में 2 अक्टूबर को बजाज फाइनेंस के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने गुरुवार को हुई बैठक में 17,500 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह फंड जुटाने की प्रक्रिया Qualified Institutional Placement ( QIP ) और वारंट के preferential issue के माध्यम से की जाएगी। कंपनी ने इस संबंध में एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है।

यह पूरा प्रस्ताव कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी और अन्य जरूरी रेगुलेटरी और स्टैचुरी मंजूरियों के अधीन है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी QIP और preferential issue दोनों विकल्पों का उपयोग करेगी।

  • बजाज फाइनेंस बोर्ड ने कुल 17,500 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने का प्रस्ताव मंजूर किया है।
  • QIP के माध्यम से 11,700 करोड़ रुपये तक जुटाए जाएंगे।
  • वारंट के preferential issue के जरिए 5,800 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाई जाएगी।
  • QIP में Re. 1 प्रत्येक फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों को जारी किया जाएगा।
  • शेयरधारकों की मंजूरी के लिए Extra Ordinary General Meeting ( EGM ) बुलाई जाएगी।

QIP और वारंट के जरिए फंड जुटाने की योजना

बजाज फाइनेंस QIP के जरिए 11,700 करोड़ रुपये तक जुटाएगा। QIP एक ऐसी विधि है जिसके तहत लिस्टेड कंपनी qualified institutional buyers को इक्विटी शेयर जारी करके पूंजी जुटाती है। यह प्रक्रिया लागू नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

इसके अलावा कंपनी ने 5,800 करोड़ रुपये तक की कुल राशि के लिए वारंट का preferential issue भी मंजूर किया है। वारंट अपने धारकों को लागू नियमों और शर्तों के तहत उन्हें समकक्ष संख्या में इक्विटी शेयरों में बदलने का अधिकार देते हैं। इन दोनों तरीकों से कंपनी कुल 17,500 करोड़ रुपये तक जुटाएगी।

कानूनी और रेगुलेटरी नियम और शेयरधारकों की मंजूरी

QIP में Re. 1 प्रत्येक फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों को जारी किया जाएगा। यह प्रस्तावित इश्यू Securities and Exchange Board of India ( Issue of Capital and Disclosure Requirements ) Regulations, 2018 और Companies Act, 2013 के प्रावधानों के तहत होगा। preferential issue के तहत भी वारंट को लागू SEBI नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा।

बजाज फाइनेंस इस QIP और preferential issue के लिए शेयरधारकों की मंजूरी प्राप्त करेगा। कंपनी इसके लिए Extra Ordinary General Meeting ( EGM ) का आयोजन करेगी। यह प्रक्रिया Ministry of Corporate Affairs और SEBI के समय-समय पर जारी सर्कुलर के अनुसार होगी।

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